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लाशें उगल रहा जबलपुर का बांध, 9 मिलीं, आधा दर्जन से ज्यादा और शव होने की आशंका, कई लापता Jabalpur dam spews corpses; 9 found, more than half a dozen feared, and several missing



एमपी के जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे में हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक कुल 9 शव मिले हैं। आधा दर्जन से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बरगी बांध में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे पर इसमें 40 से ज्यादा लोग बैठे थे। बताया जा रहा है कि 10-11 लोग बिना टिकट सवार थे। अभी तक कुल 6 व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। शेष व्यक्तियों की तलाश एवं बचाव चल रहा है। शुक्रवार सुबह बचाव अभियान दोबारा शुरु किया गया है। घटनास्थल पर जबलपुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के साथ एसडीआरएफ तथा अन्य बचाव दल मौजूद हैं।

तूफानी हवा और पानी की तेज लहरों में फंसकर गुरुवार शाम करीब 5.45 बजे बरगी डैम के बैक वॉटर में संचालित मैकल क्रूज डूब गया था। इससे चार महिलाओं की पानी में डूबने से मौत हो गई। 22 लोगों ने जैसे-तैसे तैरकर जान बचाई या रेस्क्यू किया गया, अभी भी कई लापता हैं जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। चालक दल में पांच लोग थे। दो ने क्रूज के डूबते समय अपनी जान बचाई।

लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और पुलिस की टीम देर रात तक रेस्क्यू करती रही। सुबह मृतकों की संख्या बढ़ गई है। घटना में बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि पर्यटकों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केवल चालक के पास यह थी।

सीएम ने दो मंत्रियों को मौके पर भेजा

सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहत एवं बचाव कार्यों का फीडबैक लिया। अधिकारियों से बातचीत कर राहत-बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। सीएम ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए, ताकि बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके। सीएम ने कहा कि इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। मृतकों के परिजन को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

हादसा मप्र पर्यटन विभाग के रिसॉर्ट से लगभग 100 मीटर दूर हुआ। किनारा भी पास था। इसलिए ज्यादातर लोग बाहर आ गए। इधर आसपास के लोगों ने भी बचाव दल के आने से पहले मदद की।

शादी की खुशियां मातम में बदली, दिल्ली से शादी में आया था परिवार

दिल्ली कैंट के कर्मचारी जूलियस अपनी पत्नी मधुर और बेटी दामाद व उनके बच्चों के साथ तिलहरी में रिश्तेदार के घर शादी में आए थे। शुक्रवार को शादी है। गुरुवार को सभी क्रूज में घूमने का प्लान बनाकर निकले थे। हादसे में उनकी पत्नी मधुर की मौत हो गई। बेटी मरीना, बच्चा त्रिशान लापता है। दामाद प्रदीप और सिया मिल गई है।

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