मध्य प्रदेश के इंदौर में गर्मी बढ़ते ही जल संकट गंभीर होता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में बोरिंग सूख चुके हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि 125 से ज्यादा बस्तियां और कॉलोनियां अब पूरी तरह टैंकरों के सहारे हैं।
सुदामा नगर, द्वारकापुरी, बांगड़दा और पालदा जैसे क्षेत्रों में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां बोरिंग ने पूरी तरह जवाब दे दिया है। कई जगहों पर दूषित पानी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
नगर निगम का दावा है कि शहर में 400 से ज्यादा टैंकर रोजाना पानी सप्लाई के लिए लगाए गए हैं, जबकि लगभग इतनी ही संख्या में निजी टैंकर भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद पानी की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कई जगहों पर पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भूजल स्तर में लगातार गिरावट और बढ़ती गर्मी इस संकट की बड़ी वजह है। अगर समय रहते जल प्रबंधन और वैकल्पिक स्रोतों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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