पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। एक मास से अधिक बाद भी यह युद्ध जारी है और कई देशों को लपेटे में ले रखा है।
इस बीच, भारत में भी इसे लेकर सतर्कता बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए दोपहर से लेकर रात्रि तक में दिल्ली भर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और डीडीएमए समेत अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से युद्ध या आपदा जैसी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों (बल्कआउट प्रोटोकाल) का अभ्यास किया।
बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल
अधिकारियों के अनुसार, यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास है। लेकिन मौजूदा हालात में महत्वपूर्ण है। इसके पूर्व ऑपरेशन सिंदूर से ठीक पहले बड़े स्तर पर मॉक-ड्रिल किया गया था। इसके माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने के साथ एजेंसियों के बीच तालमेल को जांचा गया।
इसमें चांदनी चौक समेत दिल्ली के विभिन्न जिलों के प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक स्थल शामिल थे। उसमें अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, आवासीय परिसर में माक ड्रिल हुई।
क्रैश ब्लैकआउट उपाय लागू किए
विशेष बात कि वायु सेवा के माध्यम से सिम्युलेटर हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली सक्रिय की गई, उसके बाद मैन्युअल एयर रेड सायरन बजाए गए और क्रैश ब्लैकआउट उपाय लागू किए गए।
इस दौरान क्षेत्रीय सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम, राजस्व विभाग डीडीएमए का इमरजेंसी ऑपरेशन केंद्र और अन्य इमरजेंसी सपोर्ट फंग्शनरीज के समन्वय पूरे अभ्यास के दौरान सक्रिय रहे।
इसमें हवाई हमले के सायरन, चुनिंदा इलाकों में ब्लैकआउट, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और बचाव अभियान के साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की व्यापक जांच का अभ्यास किया गया।

Post a Comment