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एकजुट विपक्ष vs सरकार: संसद में बढ़ा टकराव, समझिए पूरा नंबर गेमUnited Opposition vs. Government: Escalating Standoff in Parliament—Decoding the Complete Numbers Game

 

एकजुट विपक्ष ने सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ाई

संसद में विपक्ष की एकजुटता सरकार के लिए चुनौती बनती दिख रही है। लोकसभा में 541 सदस्यों की प्रभावी संख्या के हिसाब से दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 है, जबकि सत्ताधारी NDA के पास 293 सदस्य ही हैं, यानी वह 67 सीट पीछे है। वहीं राज्यसभा में बहुमत के लिए 163 सदस्यों की जरूरत है, लेकिन NDA के पास 142 सदस्य हैं, जो 21 कम हैं।


हालांकि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति जताई है। विपक्ष का कहना है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण करने से सत्ताधारी गठबंधन को फायदा मिलेगा।

राहुल गांधी ने दक्षिणी राज्यों को लेकर जताई चिंता

राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर दक्षिण भारत के राज्यों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए लोकसभा सीटों का पुनर्वितरण सरकार अपने फायदे के हिसाब से कर सकती है। उनका आरोप है कि परिसीमन आयोग को ज्यादा शक्तियां देकर संवैधानिक संतुलन कमजोर किया जा सकता है।

विपक्ष का तर्क है कि इससे दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। प्रस्तावित बदलावों के बाद लोकसभा में सदस्यों की संख्या बढ़कर 815 तक पहुंच सकती है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल होंगी। फिलहाल राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य आते हैं।

क्षेत्रीय दल भी सख्त रुख में

इस मुद्दे पर क्षेत्रीय दलों ने भी सख्ती दिखाई है। नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति ने भी परिसीमन को लेकर चिंता जताई है, जिससे सरकार की चुनौती और बढ़ गई है।

सरकार का दावा—संख्या हमारे पास

वहीं सरकार का दावा है कि उसके पास पर्याप्त समर्थन है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी दल सिद्धांत रूप से सहमत हैं और इसे लेकर कोई विरोध नहीं है। सरकार का मानना है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए पर्याप्त समर्थन मिल जाएगा।

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