भोपाल/श्योपुर। मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान से देश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां भारत में जन्मी एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है, जिसे चीता संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को देश की “चीता पुनर्वास यात्रा” का अहम पड़ाव बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि करीब 25 महीने की मादा चीता ‘गामिनी-केजीपी 12’, जो भारत में जन्मी दूसरी पीढ़ी का हिस्सा है, ने प्राकृतिक परिस्थितियों में सफलतापूर्वक चार शावकों को जन्म दिया।
मंत्री के अनुसार, वर्ष 2022 में शुरू किए गए प्रोजेक्ट चीता के बाद यह पहला मौका है जब जंगल में इस तरह से शावकों का जन्म दर्ज किया गया है। यह घटना इस बात का संकेत है कि कुनो का पारिस्थितिकी तंत्र अब चीतों के अनुकूल होता जा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता न केवल प्रोजेक्ट चीता के लिए मील का पत्थर है, बल्कि भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से बसाने की दिशा में मजबूत कदम भी है। अब सभी की निगाहें इन शावकों के स्वस्थ विकास और संरक्षण पर टिकी हैं।

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