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मुंबई। उद्धव ठाकरे ने एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री बनने से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मभूमि की मिट्टी राम जन्मभूमि लेकर गए थे और इसके बाद एक साल के भीतर मंदिर का निर्माण पूरा हो गया।
यह बयान उन्होंने मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) विधायक सुनील शिंदे की पहल पर आयोजित तबेला मैदान-श्रमिक जिमखाना मैदान की हीरक जयंती समारोह में दिया। इस कार्यक्रम में उनके साथ आदित्य ठाकरे सहित पार्टी के कई नेता और खिलाड़ी भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में ठाकरे ने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि पर पुजारियों को शिवाजी महाराज की जन्मभूमि की मिट्टी सौंपी थी, जिसके बाद मंदिर निर्माण तेजी से पूरा हुआ। उन्होंने मिट्टी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मिट्टी का कर्ज होता है, इसे कभी नहीं भूलना चाहिए।”
यह मैदान, जिसे कबड्डी का ‘पंढरपुर’ भी कहा जाता है, लंबे समय से खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है और इस अवसर पर खेल जगत से जुड़े कई लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उद्धव ठाकरे के इस बयान को राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ में देखा जा रहा है, जिस पर आने वाले समय में प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।

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