नई दिल्ली। मुंह की सेहत सिर्फ चमकते दांतों तक सीमित नहीं होती, बल्कि मसूड़ों की मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। अब वैज्ञानिक एक ऐसा “स्मार्ट टूथपेस्ट” विकसित कर रहे हैं, जो बदबूदार और खतरनाक मसूड़ों की बीमारी पायरिया को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकता है।
जर्मनी के Fraunhofer Institute for Cell Therapy and Immunology के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक पर काम किया है, जो पारंपरिक टूथपेस्ट और माउथवॉश से बिल्कुल अलग है। यह तकनीक “प्रिसिजन मेडिसिन” पर आधारित है, जिसमें ऐसे खास मॉलिक्यूल्स तैयार किए गए हैं जो सिर्फ हानिकारक बैक्टीरिया और एंजाइम्स को निशाना बनाते हैं। यानी यह मुंह के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाए बिना बीमारी को खत्म करने की क्षमता रखता है।
दरअसल, आम एंटी-बैक्टीरियल टूथपेस्ट और माउथवॉश ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक की तरह काम करते हैं, जो अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं। इससे मुंह का प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता है। नई तकनीक इस समस्या का समाधान पेश करती है।
पायरिया, जिसे मेडिकल भाषा में Periodontitis कहा जाता है, मसूड़ों की गंभीर बीमारी है। यह दांतों पर जमा प्लाक और टार्टर के कारण होती है, जिससे मसूड़ों और दांतों के बीच गैप बन जाता है और संक्रमण बढ़ता जाता है। समय रहते इलाज न होने पर यह दांत गिरने तक की स्थिति पैदा कर सकता है।
इस बीमारी के मुख्य कारणों में दांतों पर प्लाक जमना, धूम्रपान या तंबाकू का सेवन, मधुमेह, मोटापा, विटामिन-सी की कमी और हार्मोनल बदलाव शामिल हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में ब्रश करते समय खून आना, मसूड़ों का लाल या बैंगनी होना, मुंह से लगातार बदबू आना, दांतों का ढीला होना और चबाने में दर्द शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई खोज से भविष्य में पायरिया के इलाज में बड़ा बदलाव आ सकता है। हालांकि यह तकनीक अभी रिसर्च के चरण में है और आम लोगों के उपयोग के लिए आने में समय लग सकता है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि पायरिया से बचाव के लिए रोजाना सही तरीके से ब्रश करें, दांतों के बीच सफाई रखें, हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच कराएं और संतुलित आहार लें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी तरह के इलाज या दवा के उपयोग से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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