इंदौर। इंदौर से उज्जैन के बीच बनने वाली ग्रीन फील्ड सड़क को लेकर किसान लंबे समय से जमीन के बराबर बनाने की बातें कर रहे थे। किसानों की मांग पर सरकार ने एक्सेस कंट्रोल्ड से अब इस सड़क को नान एक्सेस कंट्रोल्ड के रूप में निर्माण करने का अनुमोदन किया गया है। यह सड़क चार लेन होगी और अब सर्विस रोड नहीं बनाई जाएगी।
जमीन के बराबर सड़क बनाने से 77 किमी लंबी दोनों तरफ सात-सात मीटर की सर्विस रोड को हटा दिया गया है। जमीन के बराबर सड़क होने से ग्रामीण कहीं से भी सड़क पर आ जा सकेंगे। वहीं किसानों की जमीन में पानी जमा होने की परेशानी भी नहीं होगी। यह सड़क 28 गांवों से गुजरेगी, इसमें इंदौर के 20 और उज्जैन के आठ गांव शामिल हैं।
मुआवजा ब्रिकी छांट के आधार पर दिया
इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित ग्रीन फील्ड सड़क परियोजना अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। इस महत्वकांक्षी परियोजना को लेकर जारी विरोध को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। किसानों की दो मांग थी, मुआवजा बाजार मूल्य के अनुसार दिया जाए और सड़क को जमीन के बराबर बनाया जाए। सरकार ने किसानों की दोनों मांगों को स्वीकृति प्रदान करते हुए पहले ही मुआवजा बिक्री छांट के आधार पर दिया गया।
वहीं अब नान एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क बनाने का अनुमोदन भी कर दिया गया। गौरतलब है कि सरकार द्वारा 48 किमी लंबी इस सड़क का हाईब्रिड एन्यूटी माडल के अंतर्गत निर्माण के लिए 30 सितंबर 2025 में 2935 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी।
वहीं निर्माण कार्य के लिए बुलाई गई निविदा के आधार पर मेसर्स सीगल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि से 1089 करोड़ रुपये में फरवरी में अनुबंध किया जा चुका है। सड़क के लिए 313.839 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसमें 21.326 हैक्टेयर शासकीय और 292.513 हैक्टेयर भूमि निजी है। भू-अर्जन के लिए बिक्री छांट से मुआवजा देने के कारण 583.93 करोड़ राशि की बढ़ोतरी की गई।
इंदौर में 662 करोड़ अवार्ड पारित
इंदौर जिले की दो तहसीलों सांवेर और हातोद के 20 गांवों से यह सड़क गुजर रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए जिले के 662 किसानों को 626 करोड़, 49 लाख 76 हजार 436 रुपये का मुआवजा वितरित किया जाना है। अवार्ड पारित होने के बाद मुआवजा वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। सांवेर तहसील में करीब 376 करोड़ रुपये और हातोद तहसील में करीब 250 करोड़ मुआवजा दिया जाएगा।

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