खंडवा। जिले के मांधाता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नरलाय में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। वर्षों से खेती कर रहे आदिवासी परिवारों और प्रशासनिक अमले के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान वन विभाग के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से दी गई धमकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। वीडियो में डिप्टी रेंजर एसएस चौहान ग्रामीणों को कब्र में गाड़ देने की धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो सफाई में उन्होंने कहा कि ग्रामीण बहस कर रहे थे, एक लड़का पत्थर भी उठा रहा था, इस दौरान मुंह से ऐसी बात निकल गई।
जमीन हस्तांतरण और अद्वैत लोक परियोजना का कनेक्शन
जानकारी के अनुसार, ग्राम नरलाय में करीब 23 एकड़ राजस्व भूमि वर्ष 2022 में वन विभाग को हस्तांतरित की गई थी। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन ओंकारेश्वर में विकसित हो रहे अद्वैत लोक परियोजना के बदले वन विभाग को दी गई थी। जब वन विभाग की टीम राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर कब्जा लेने पहुंची, तो वहां लंबे समय से रह रहे 15 से 20 आदिवासी परिवारों का अतिक्रमण पाया गया। वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शनिवार को कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों की मदद से लगभग 10 झोपड़ियों को हटाया गया और जमीन पर कंटूर ट्रेंच खोदने का काम भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बारिश के बाद यहां पौधारोपण किया जाएगा।
चार पीढ़ियों से काबिज आदिवासियों का विरोध और दावा
दूसरी ओर, प्रभावित आदिवासी परिवारों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे पिछले चार पीढ़ियों से इस जमीन पर निवास और खेती कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 80 वर्षों से वे इस भूमि को उपजाऊ बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं और अब अचानक उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी प्रकार का विवाद नहीं किया और यह भूमि पहले बंजर थी, जिसे उन्होंने मेहनत से खेती योग्य बनाया। कार्रवाई के दौरान एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह चौहान आदिवासियों से तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे कथित रूप से कहते सुने जा रहे हैं कि “ज्यादा फालतू बात मत करो, जैसा कहा जा रहा है वैसा करो, नहीं तो यहीं तुम्हारी कब्र खोद दूंगा।” इस बयान के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई है।
अधिकारी की सफाई और प्रशासनिक पक्ष
हालांकि, रेंजर चौहान ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मौके पर कुछ युवक उत्पात मचा रहे थे और स्टाफ के साथ अभद्रता कर रहे थे। उनके अनुसार, एक युवक पत्थर लेकर दौड़ा था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आवेश में ऐसे शब्द निकल गए। मौके पर डिप्टी कलेक्टर ममता चौहान, पुनासा तहसीलदार, पटवारी सहित पुलिस और वन विभाग का अमला मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है, जबकि ग्रामीण अपने पुनर्वास और अधिकारों की मांग कर रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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