नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया है। सोशल मीडिया पर नारी शक्ति की महिमा का बखान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति ही एक 'सशक्त भारत' की सच्ची पहचान है।
प्रधानमंत्री ने अपनी बात को गहराई देने के लिए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया, जिसमें नारी की शक्ति और समाज में उनके अद्वितीय योगदान का वर्णन किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत की माताएं, बहनें और बेटियां अपने अटूट संकल्प और सेवा भावना के साथ देश का नाम रोशन कर रही हैं।
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
हर क्षेत्र में गौरव: प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ देश की बेटियां अपनी मेधा और परिश्रम का लोहा न मनवा रही हों।
अटूट संकल्प: महिलाओं का समर्पण और उनकी सेवा भावना भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे बड़ा संबल है।
सांस्कृतिक गौरव: संस्कृत श्लोक के माध्यम से पीएम ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव शक्ति का स्वरूप माना गया है, और यही शक्ति आधुनिक भारत की नींव है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश देश की नारी शक्ति के प्रति उनके विश्वास और महिला नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण को पुनः स्पष्ट करता है

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