भोपाल। अप्रैल की 16 तारीख इतिहास में नई पहचान की साथ दर्ज हो गई है। कारण, एक तो यह कि जनगणना 2027 की शुरुआत और दूसरा यह कि पहली बार है जब जनगणना आपके दरवाजे से नहीं बल्कि आपकी अंगुलियों से शुरू हुई है। इसमें कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म भर कर जानकारी दर्ज कर सकता है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल में अपने आवास पर जनगणना निदेशालय के स्वगणना पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी व परिवार की जानकारी दर्ज की।
इसमें 33 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी स्वगणना फॉर्म भरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि किसी देश की रीढ़ और विकास की नींव है। इससे भविष्य की दिशा तय होती है। 30 अप्रैल तक सुबह छह से रात 12 बजे के बीच ऑनलाइन स्वगणना कर सकेंगे। एक मई के बाद प्रगणक यानी जनगणना करने वाले कर्मचारी घर-घर जाकर मकान सूचीकरण करेंगे। दूसरे चरण में फरवरी 2027 से जन की गणना होगी। प्रदेश में जनगणना कार्य में एक लाख 60 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है।
सीएम ने कहा- प्रदेशवासी सत्यता के साथ दें जानकारी
अपना गणना पत्रक भरने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे।
स्वगणना में ऐसे ले सकते हैं भाग
सबसे पहले https://se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण करना होता है।
मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। एक नंबर से एक ही परिवार का पंजीयन हो सकता है, इसलिए अच्छे से सोचकर नंबर दर्ज करें।
जिला और पिनकोड डालने के बाद लोकेशन चुनने का विकल्प डिजिटल मैप पर मिलता है।
इसके बाद एक-एक कर 33 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।
सभी उत्तर देने के बाद प्रिव्यू फाइल बनती है, जिसे अच्छे से जांचकर सबमिट करें।
इसके बाद 11 अंको की यूनिक आईडी मिलती है, जिसे नोटकर लें और स्क्रीनशॉट ले लें।
प्रगणक एक मई के बाद जब घर पर आएंगे तो यही आईडी दिखानी होगी।
गलत जानकारी देने पर तीन वर्ष की सजा और अर्थदंड का प्रविधान है, इसलिए सही जानकारी ही दें।
एक बार जानकारी दर्ज करने पर ऑनलाइन कोई सुधार नहीं कर पाएंगे, पर प्रगणकों के घर आने पर सुधार करा सकते हैं।

Post a Comment