Top News

MP में 10 साल पूरे कर चुके संविदाकर्मी हो सकेंगे नियमित, हाई कोर्ट के फैसले से 5 लाख कर्मचारियों में खुशी की लहरContractual Employees in MP Who Have Completed 10 Years of Service to Be Regularized; High Court Verdict Sparks Wave of Joy Among 5 Lakh Employees.

 

भोपाल। लंबे समय से संविदा व्यवस्था में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए मध्यप्रदेश में न्यायालय से अहम राहत की खबर सामने आई है। मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर संविदा कर्मचारी मामला में बुधवार को डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की ओर से सिंगल बेंच के आदेश पर स्टे देने की मांग को खारिज कर दिया है।


सरकार की ओर से दायर याचिका में नौ अप्रैल के उस फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसमें 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर विचार करने की बात कही गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला बड़े वर्ग से जुड़ा है, इसलिए इस पर फिलहाल रोक उचित नहीं होगी और सरकार को सिंगल बेंच में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए।

फैसले पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष का बयान

मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि हम उच्च न्यायलय के अभारी हैं, जिन्होंने हम पांच लाख शोषित पीड़ित संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के दर्द को समझा हैं।

हम पिछले 25 से 30 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे थे और शोषित हो रहे थे। वेतनमान और भत्ते नहीं मिलते थे, मंहगाई भत्ता और प्रतिवर्ष इन्क्रीमेंट नहीं मिलता था, सरकारी मकान आबंटन नहीं होता था और संविदा कर्मचारियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता था।

फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर

विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले लाखों संविदा कर्मचारियों में इस निर्णय से खुशी की लहर है। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके संविदा कर्मचारियों को नियमित कर उन्हें वेतनमान, महंगाई भत्ता और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।

Post a Comment

Previous Post Next Post