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कांग्रेस MLA राजेंद्र भारती को भेजा गया जेल? Has Congress MLA Rajendra Bharti been sent to jail?

 

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम से 10 लाख रुपए की एफडी जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया में थी. इसके बाद इस 3 साल की अवधि को बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया था, जिसे लेकर बैंक के ही एक कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई थी. अब एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है और जेल भेज दिया है.


मध्य प्रदेश में दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी माना है. उन्हें 420 और धोखाधड़ी के केस में तिहाड़ जेल भेजा गया है. अब उन्हें क्या दंड मिलेगा. इस पर कल सुनवाई होगी. उन पर धोखाधड़ी के मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाने के षड्यंत्रकारी आरोप लगे हैं. अब अगर सजा दो साल या उससे ज्यादा होती है, उपचुनाव करवाया जाएगा. अब राज्यसभा चुनाव से पहले राजेंद्र भारती का जेल जाना कांग्रेस के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

राजेंद्र भारती कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और वह तीन बार दतिया से विधायक रह चुके हैं. साल 2023 में उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर सुर्खियां बटोरी थीं.  उन्हें राजनीति विरासत मिली है. उनके पिता श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं.

तारीख 24.08.1998 को आरोपी राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने श्याम सुंदर श्याम संस्थान की अध्यक्ष रहते हुए 10 लाख रुपए की एफडी जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया में की थी. तब FD तीन साल के लिए 13.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज पर की थी.

साल 1998 से 2001 की अवधि में बैंक (जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया) के संचालक मण्डल के अध्यक्ष आरोपी राजेंद्र भारती थे.

यह भी उल्लेखनीय है कि एफडी किए जाने की अवधि में श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी आरोपी राजेंद्र भारती थे. ऐसे में बैंक और संस्थान दोनों जगह आरोपी राजेंद्र का स्वयं का हित निहित था.

फर्जीवाड़ा करके एफडी की बढ़ाई अवधिआरोपी राजेंद्र भारती ने जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया के संचालक मण्डल के अध्यक्ष होने एवं श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य होने के कारण अपनी पदीय स्थिति तथा अधिकारों का दुरूपयोग किया. उन्होंने बैंक कर्मचारी आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ षड़यंत्र करते हुए उससे बैंक के दस्तावेजों (लेजर बुक, एफडी की काउंटर स्लिप तथा एफडी की रशीद) में काट-पीट कराकर एफडी की अवधि को 03 साल से बढ़ाते हुए 15 साल कराया गया.

ताकि लगातार 15 सालों तक 13.50 प्रतिशत ब्याज दर का लाभ अपनी मां सावित्री को और स्वयं की संस्था (श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया) जिसमें राजेंद्र भारती बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य थे. उसे दिया जा सके.

इस प्रकार आरोपी राजेंद्र भारती ने आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ आपराधिक षड़यंत्र करके बैंक के दस्तावेजों में कूटरचना कराकर वर्ष 1999 से 2011 तक प्रतिवर्ष 1,35,000 रूपए का सदोष लाभ अपनी मां सावित्री एवं स्वयं की संस्था को पहुंचाया जिससे परिवादी बैंक को हानि हुईं.

इसके बाद जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया के संचालक मण्डल के अध्यक्ष पद से हट गए, तो उसके बाद बैंक प्रबंधन को गड़बड़ी की जानकारी मिली. फिर मामला उपभोक्ता फोरम और दतिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट तक पहुंचाया.

कोर्ट ने दोषी मानते हुए सुनाया फैसलाविशेष न्यायालय ग्वालियर द्वारा आरोपी राजेंद्र भारती के विरुद्ध धारा 420,467,468,471 एवं 120 (बी) IPC का आरोप लगाया गया था. जबकि आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को धारा 319 CRPC के तहत अभियोजन के आवेदन पर आरोपी बनाया गया था. अब साल 2026 में MP-MLA कोर्ट के द्वारा आरोपियों को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया गया है.

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