पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अफसरों और जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है और उन्हें तत्काल ड्यूटी पर लौटने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीआरपीएफ) में भी कार्मिकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लगभग ढाई से तीन लाख जवानों को तैनात किया गया है। सीएपीएफ जवानों की सबसे ज्यादा तैनाती पश्चिम बंगाल में की गई है।
बीएसएफ के एक अधिकारी के मुताबिक, ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब ‘सीमा सुरक्षा बल’ के अधिकारियों और जवानों को इतने बड़े पैमाने पर वापस बुलाया जा रहा है। युद्ध या किसी आपात स्थिति में ही ऐसे आदेश जारी हुए हैं। अगर किसी अन्य कारण से कार्मिकों को छुट्टी से वापस बुलाया भी गया है तो उनकी संख्या कम ही रही है। जिन अफसरों और जवानों की छुट्टियां रद्द की गई हैं, उनमें अधिकतर की ड्यूटी पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगी है।
जवानों के साथ ठहरे कमांडरों को मिले पर्याप्त सुविधाएं सीआरपीएफ के पश्चिम बंगाल सेक्टर के आईजी व स्टेट फोर्स कोऑर्डिनेटर शलभ माथुर ने सात अप्रैल को पश्चिम बंगाल के स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ) व एडीजी लीगल को पत्र लिखकर जवानों के साथ ठहरने वाले केंद्रीय बलों के कमांडरों के लिए पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने मंगलवार को 'केंद्रीय बलों के कंपनी कमांडरों को होटल छोड़ने का आदेश, लोकेशन पर गुजारनी होगी रात’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल सेक्टर के आईजी ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। कंपनी कमांडरों की तरफ से तय लोकेशन पर कई तरह की दिक्कतों का हवाला दिया गया था।

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