ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल जंग में दो हफ़्ते के युद्धविराम का भारत ने स्वागत किया है.
लेकिन उसने पाकिस्तान का नाम लेने या उसके प्रयासों का ज़िक्र करने से परहेज किया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, "हम युद्धविराम के फ़ैसले का स्वागत करते हैं. हमें उम्मीद है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी. जैसा कि हम पहले भी कहते रहे हैं कि मौजूदा जंग को समाप्त करने के लिए युद्धविराम, संवाद और कूटनीति ज़रूरी है."
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जंग ने पहले ही काफ़ी तबाही मचा दी है, "इसने वैश्विक तेल और ऊर्जा सप्लाई और व्यापार प्रणाली को बाधित कर दिया है. हम आशा करते हैं कि कमर्शियल और तेल के जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र सकेंगे."
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ समेत, जहाँ एक ओर दुनिया भर से कई नेता पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना कर रहे हैं, वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत को लेकर भी चुप्पी साधे रखी.

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