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ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी देने के कुछ घंटे बाद ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान कर दिया। हालांकि इसमें एक शर्त रखी गई है। वह यह कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और तत्काल प्रभाव से खोलेगा। ताकि सुरक्षित रूप से जहाज वहां से गुजर सके।
दो हफ्तों में होगी अंतिम समझौते की कोशिश
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इन दो हफ्तों का इस्तेमाल ईरान के साथ एक अंतिम समझौते की दिशा में काम करने के लिए करेगा। उन्होंने लिखा, "ऐसा करने की वजह यह है कि हमने अपने सभी सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिए हैं, बल्कि उनसे भी आगे निकल गए हैं। साथ ही, हम ईरान के साथ लंबे समय तक शांति बनाए रखने और पूरे मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने से जुड़े एक पक्के समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं।" इसके साथ ही ट्रंप ने आगे कहा कि वॉशिंगटन को तेहरान से दस-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है और वह इसे बातचीत शुरू करने के लिए एक व्यावहारिक आधार मानते है।
ईरान के विदेश मंत्री ने भी सीजफायर किया स्वीकार
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने X पर सीजफायर स्वीकार करते हुए लिखा कि, "PM शरीफ के ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका की 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित बातचीत की अपील को ध्यान में रखते हुए, साथ ही POTUS द्वारा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को देखते हुए, मैं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से यह घोषणा करता हूं। अगर ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सेना अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देगी।"चीन ईरान का एक प्रमुख सहयोगी है और उसने तेहरान से लचीलापन दिखाने तथा तनाव कम करने का आग्रह किया था। अधिकारियों ने बताया कि इस संघर्ष-विराम को ईरान के नए सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने मंजूरी दी है।
बता दे कि ईरान ने पहले कहा था कि वह जलडमरूमध्य को खोलने पर तभी सहमत होगा जब यह एक पूर्ण शांति समझौते का हिस्सा हो। ऐसा समझौता जो इस बात की गारंटी दे कि अमेरिका और इजरायल की ओर से भविष्य में कोई और हमला नहीं किया जाएगा।

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