इंदौर। सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले नए पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने प्रक्रिया तय कर दी। सात विभाग से एक दर्जन से ज्यादा पाठ्यक्रम रखे गए हैं, जिसमें एमबीए पाठ्यक्रम में सीयूटी पीजी के स्कोरकार्ड के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। .
बाकायदा सीयूटी पीजी काउंसिलिंग में भी पंजीकरण करवाना होगा। साथ ही इंजीनियरिंग के बैचलर पाठ्यक्रम को सीयूटी यूजी में रखा जाएगा जबकि इंटीग्रेटेड कोर्स की सीटों पर नान सीयूटी से प्रवेश दिए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधित नोटिफिकेशन निकाला जाएगा।
तीन नए एमबीए कोर्स शामिल किए जाएंगे
सीयूटी पीजी के माध्यम से विश्वविद्यालय के एक दर्जन विभाग के संचालित 23 पाठ्यक्रम की 1860 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिलता है मगर इस बार तीन नए एमबीए पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे। स्कूल ऑफ फार्मेसी में एमबीए फार्मेसी (60), जनजातीय अध्ययनशाला में एमबीए ट्राइबल डेवलपमेंट व मैनेजमेंट कोर्स (30) और आईईटी के एमबीए टेक्निकल मैनेजमेंट (60) सीटें रखी गई हैं।
नान सीयूटी में गणित, भौतिक और सांख्यिकी अध्ययनशालाओं में इंटीग्रेटेड एमएससी (40-40 सीटें), स्कूल आफ बायोटेक्नालाजी में एक वर्षीय एमएससी बायोटेक्नोलाजी और दो वर्षीय एमएससी बायो इंफोर्मेटिव में 40 सीटें शामिल होंगी।
जबकि इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नालॉजी (आईईटी) में तीन बी-टेक इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और एमबीए टेक्निकल मैनेजमेंट (60-60), स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी-टेक) इन साइबर सिक्योरिटी (60) में भी प्रवेश दिया जाएगा।
कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई के मुताबिक नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर जल्द ही अधिसूचना निकाली जाएगी। साथ ही प्रवेश नियम के बारे में भी निर्देश दिए जाएंगे। वे कहते हैं कि इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर इन पाठ्यक्रमों को डिजाइन किया गया है।

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