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कैंसर से बचना है तो आज ही रसोई से निकाल दें ये एक चीज! विशेषज्ञ ने दी चेतावनीIf You Want to Avoid Cancer, Remove This One Item from Your Kitchen Today! Expert Issues Warning.

 

हम अपनी रसोई को साफ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस स्पंज से आप बर्तन चमका रहे हैं, वही सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है? हालही में प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा ने एक बड़ा खुलासा किया है कि रसोई में रखा स्पंज बैक्टीरिया का गढ़ है, जो शरीर के संपर्क में आकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है।


किचन स्पंज क्यों है खतरनाक?

डॉ. तरंग कृष्णा के अनुसार, स्पंज के छोटे-छोटे छेदों में नमी और खाने के कण फंसे रह जाते हैं। ये जगह बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है। इसमें साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं, जो बर्तनों के जरिए हमारे पेट और फिर खून तक पहुंच जाते हैं।

कैसे बढ़ता है कैंसर का खतरा?

विशेषज्ञ ने बताया कि स्पंज में लंबे समय तक रहने वाली गंदगी कई बार घातक टॉक्सिन्स पैदा करती है। ये सूक्ष्म जीव शरीर के इम्यून सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर करने लगते हैं। जब ये जहरीले तत्व लगातार शरीर के अंदर जाते हैं, तो सेल्स डैमेज होने लगते हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं।

प्लास्टिक स्पंज को कहें बाय-बाय

ज्यादातर घरों में मिलने वाले नीले-हरे प्लास्टिक स्पंज सेहत के लिए हानिकारक हैं। डॉक्टर ने सलाह दी है कि इनकी जगह प्राकृतिक विकल्पों का चुनाव करना चाहिए। ये न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छे हैं, बल्कि इनमें बैक्टीरिया भी कम पनपते हैं।

बचाव के लिए आज ही अपनाएं ये तरीके

स्पंज को दो हफ्ते से ज्यादा इस्तेमाल न करें।

काम खत्म होने के बाद स्पंज को सुखाएं।

नारियल के रेशे (जूना) या जूट के जूने का इस्तेमाल करें।

दिन में कम से कम एक बार स्पंज को गरम पानी में उबालें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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