हर माह 20–30 आपराधिक मामले सामने, युवतियां बन रहीं सबसे बड़ा निशाना
देश के तेजी से विकसित होते शहरों में शामिल नोएडा में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर महीने औसतन 20 से 30 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, शोषण और हिंसा जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं। इन मामलों में सबसे ज्यादा प्रभावित युवतियां हो रही हैं, जिससे सुरक्षा और जागरूकता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में रिश्ते की शुरुआत दोस्ती और भरोसे से होती है, लेकिन समय के साथ यह शोषण और अपराध में बदल जाती है। आरोपियों द्वारा निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करना और पैसों की उगाही जैसे मामले तेजी से बढ़े हैं। कई घटनाओं में विवाद इतना बढ़ जाता है कि मामला मारपीट और हत्या तक पहुंच जाता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स इस तरह के अपराधों का बड़ा माध्यम बन रहे हैं। आरोपी फर्जी पहचान बनाकर युवतियों से संपर्क करते हैं और धीरे-धीरे उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। भरोसा जीतने के बाद उनका शोषण किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से कई पीड़िताएं शिकायत दर्ज नहीं करातीं, जिससे वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाते। यही कारण है कि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों से कहीं ज्यादा घटनाएं वास्तविकता में हो सकती हैं।
नोएडा पुलिस ने युवाओं से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी रिश्ते में जल्दबाजी से बचें, अपनी निजी जानकारी और फोटो साझा करने से पहले सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के शोषण या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
कानूनी जानकारों के अनुसार, बिना सहमति शारीरिक संबंध, ब्लैकमेलिंग और धमकी जैसे अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कराना जरूरी है, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
नोएडा में सामने आ रहे ये लगातार मामले यह संकेत दे रहे हैं कि बदलती जीवनशैली के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में जरूरत है जागरूकता, सतर्कता और सख्त कानूनी कार्रवाई की, ताकि युवाओं खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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