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संतोष गंगेले कर्मयोगी की कार्य क्षमता गूगल विकिपीडिया ने संग्रह कर ली ।Google and Wikipedia have archived the work capacity of Santosh Gangele, the 'Karmayogi'.

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नौगांव छतरपुर

संतोष गंगेले (कर्मयोगी) बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश के एक प्रतिष्ठित पत्रकार, समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो अपनी अथक कार्यक्षमता, समर्पण और नि:स्वार्थ समाज सेवा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपना जीवन समाज सुधार, सनातन संस्कृति के संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समर्पित कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक संत कथा व्यास गद्दी बागेश्वर धाम बालाजी पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा उनको अनेकों बार सम्मानित किया जा चुका है पीठाधीश्वर की तरफ से आशीर्वाद दिया गया है वह 18 वर्षों से बुंदेलखंड क्षेत्र में मोटरसाइकिल से 11 जनपद जिलों में जन जागरूकता अभियान परमार्थ , राष्ट्र सेवा के लिए काम कर रहे हैं कास्ट के लिए काम कर रहे हैं


उनकी कार्यक्षमता और जीवन के प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

1. अद्भुत कार्यक्षमता (Work Capacity)

निरंतर संघर्षशीलता: बेहद साधारण परिवार से आने के बावजूद, संतोष गंगेले ने गरीबी और पारिवारिक संघर्षों को परास्त किया।

सक्रिय जन जाग्रति: वे अपनी निजी मोटरसाइकिल से अब तक 3 लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं और 3,000 से अधिक स्कूलों में संगोष्ठी के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक नैतिकता का पाठ पढ़ा चुके हैं।

पत्रकारिता और कलम की ताकत: उन्होंने 1980 से पत्रकारिता के माध्यम से बुंदेलखंड की जनसमस्याओं को उठाया और प्रशासन को उन समस्याओं के समाधान के लिए मजबूर किया। उनकी जन्म तिथि 11 दिसंबर 1956 है आज 70 वर्ष की आयु में भी वह बुंदेलखंड में लगातार दौरा कर रहे हैं।

2. सामाजिक कार्य और जन जाग्रति

नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा: वे लगातार नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा के लिए जन जागरूकता अभियान चलाते हैं।

दहेज प्रथा का विरोध: उन्होंने 1984 में अपना विवाह बिना दहेज के किया और अपने चारों बच्चों (दो बेटे-दो बेटियों) का विवाह भी बिना दहेज के करके समाज में एक मिसाल कायम की।

सामाजिक समरसता: बाल सभाओं के माध्यम से बच्चों में शिक्षा और स्वच्छता के प्रति अलख जगा रहे हैं। 

3. जीवन और समर्पण

आजीविका के लिए संघर्ष: उन्होंने आर्मी में ES विभाग में चौकीदारी की, पोस्टमैन के रूप में भी सेवा दी और नौगांव तहसील चौराहे पर लगभग 4 वर्षों तक दूध की दुकान का संचालन भी किया।

स्वयंसेवक: वे बागेश्वर धाम, चित्रकूट सहित कई स्थानों पर सम्मानित हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर रखा है।

4. नागरिक अभिनंदन, राष्ट्रीय सम्मान 

   बुंदेलखंड क्षेत्र में सामाजिक काम करने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2007 से अपनी जन्मभूमि वीरपुर पोस्ट नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य प्रदेश शिक्षण संस्थान महाविद्यालय में उम्मीदवार प्रभाव से संकल्प को समर्पण मैं बदलने के लिए नौगांव नगर पालिका परिषद में नागरिक अभिनंदन किया । दिल्ली हरियाणा उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान राज्यों में सामाजिक क्षेत्र में काम करने के लिए 100 से अधिक राष्ट्रीय सम्मान तीन अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं । 26 जनवरी 2026 को नौगांव के स्थानीय प्रशासन एसडीम नौगांव श्री गोपाल शरण पटेल ने गणतंत्र दिवस पर राजा यादवेंद्र सिंह जी के स्टेडियम नौगांव में लगभग दस हजार विद्यार्थी नागरिक सामाजिक कार्यकर्ता अधिकारियों के बीच नगर की गौरव के रूप में सम्मानित किया ।

स्वयंसेवी शिक्षा: अपनी ड्यूटी के बाद भी वे झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं। 

निष्कर्ष: संतोष गंगेले का जीवन यह सिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि दृढ़ निश्चय और समाज सेवा की भावना हो, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्हें एक "कर्मयोगी" के रूप में जाना जाता है। 

गूगल विकिपीडिया पर स्थान .

 सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहने के कारण फेसबुक इंस्टाग्राम पब्लिक एप यूट्यूब चैनल प्रिंट मीडिया के माध्यम से गूगल विकिपीडिया पर उन्हें स्थान मिला है गूगल विकिपीडिया में उनके दो आर्टिकल लिस्ट भी प्रकाशित हो सके ।

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