एसिडिटी आज एक आम समस्या बन चुकी है—पेट में गैस, सीने में जलन और बेचैनी… और तुरंत राहत के लिए लोग दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन यही आदत धीरे-धीरे शरीर के लिए खतरा बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एसिडिटी की ज्यादातर दवाएं Proton Pump Inhibitors (PPI) होती हैं, जो पेट में एसिड बनने को कम करती हैं। इनका लंबे समय तक इस्तेमाल कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।
किडनी और दिमाग पर खतरा
लंबे समय तक PPI लेने से किडनी डैमेज का खतरा बढ़ सकता है
यह क्रोनिक किडनी डिजीज से जुड़ा पाया गया है
शरीर में विटामिन B12 की कमी हो सकती है, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है
धीरे-धीरे मेमोरी और सोचने की क्षमता पर असर पड़ सकता है
शरीर में पोषक तत्वों की कमी
ये दवाएं पेट के एसिड को कम कर देती हैं, जिससे शरीर जरूरी पोषक तत्व ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता:
कैल्शियम की कमी → हड्डियां कमजोर
मैग्नीशियम की कमी → मांसपेशियों और नसों पर असर
आयरन की कमी → थकान और एनीमिया
विटामिन B12 की कमी → नर्व और ब्रेन हेल्थ खराब
पाचन तंत्र पर बुरा असर
पेट का एसिड सिर्फ खाना पचाने के लिए ही नहीं, बल्कि बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भी जरूरी होता है।
एसिड कम होने से हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं
इससे डायरिया, इंफेक्शन, न्यूमोनिया और आंतों की समस्याएं हो सकती हैं
बिना दवा के ऐसे पाएं राहत
खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें
जो चीजें एसिडिटी बढ़ाती हैं, उन्हें डाइट से हटाएं
वजन ज्यादा है तो धीरे-धीरे कम करें
एसिडिटी होने पर ठंडा दूध पीने से राहत मिल सकती है
एसिडिटी की दवा तुरंत राहत जरूर देती है, लेकिन इसका लगातार और बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल “साइलेंट खतरा” बन सकता है।
बेहतर यही है कि दवाओं पर निर्भर होने के बजाय लाइफस्टाइल सुधारें और जरूरत पड़ने पर ही डॉक्टर की सलाह से दवा लें।

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