नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हिंसक हो गए। फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स और आसपास के इलाकों में कर्मचारियों ने जमकर बवाल (Noida Violence) काटा। स्थिति तब बिगड़ गई जब कर्मचारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और कंपनियों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
हिंसा और आगजनी का तांडव
फेज-2 में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने सड़क पर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम पर भी हमला किया गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की एक जीप को पलट दिया और उसमें तोड़फोड़ की। आगजनी और पथराव की घटनाओं के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
दिल्ली-नोएडा मार्ग पर यातायात प्रभावित
इस हिंसा का सीधा असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। फेज-2 में बिगड़ते हालातों के मद्देनजर दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली चिल्ला सीमा को एहतियातन बंद कर दिया गया है। सीमा बंद होने और डीएनडी फ्लाईओवर पर यातायात मार्ग परिवर्तन (डायवर्जन) के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है, जिससे राहगीर घंटों फंसे रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी श्रमिक न्यूनतम वेतन की गारंटी, समान कार्य-समान वेतन, समय पर भुगतान और ईपीएफ-ईएसआई जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वे ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, रोजगार सुरक्षा और महिला श्रमिकों के लिए उचित प्रावधानों की मांग पर अड़े हुए हैं।बवाल बढ़ता देख भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से संवाद कर उन्हें शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं।

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