देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के लिए अप्रैल 2026 की यह गर्मी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिसके चलते शहर की जल वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज और भूजल स्तर में गिरावट के कारण आधे से अधिक शहर पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष कर रहा है। नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे टैंकर भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। लोग कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को विवश हैं और अपनी नौकरी व व्यापार छोड़कर पानी की लाइनों में लग रहे हैं। भीषण गर्मी ने कई क्षेत्रों में जल संकट को और गहरा कर दिया है।
दुकानें बंद कर पानी के लिए जूझते लोग
मिल क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में मात्र 10 से 15 मिनट ही पानी की आपूर्ति हो रही है। कल्याण मिल गेट के पास दुकान चलाने वाले नारायण खंडागले ने बताया कि पानी बहुत कम समय के लिए आता है और वह भी कई बार गंदा होता है। उन्हें प्रतिदिन अपनी दुकान दो घंटे बंद कर परदेशीपुरा की पानी की टंकी तक पानी भरने जाना पड़ता है। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनसंख्या अधिक है, जबकि पानी की आपूर्ति बहुत कम है। गर्मियों के तीन से चार महीनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। शिकायतों के बाद पार्षद टैंकर भेजते हैं, लेकिन उससे भी पर्याप्त राहत नहीं मिलती।
टैंकरों की संख्या बढ़ाने का दावा
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार, नर्मदा से पानी की आपूर्ति पूरी क्षमता से की जा रही है, लेकिन भीषण गर्मी के कारण मांग बहुत बढ़ गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाई गई है।
जल संकट की ओर बढ़ता इंदौर
हमेशा की तरह इस बार भी शहर में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर शुद्ध पेयजल, की अनदेखी की गई है। भागीरथपुरा जैसी घटनाएं भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम हैं। तेजी से बढ़ते शहर के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित नहीं की जा रही हैं, जिसके कारण लाखों लोग जल संकट से जूझ रहे हैं ऊपर से कई जगह लाइट की असुविधा हो रही है जिसके कारणलोग परेशान हो रहे हैं

Post a Comment