राज्यसभा में सियासी समीकरण तेजी से बदले हैं। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने जानकारी दी कि भारतीय जनता पार्टी की संख्या बढ़कर अब 113 हो गई है। यह बढ़ोतरी उन सात सांसदों के भाजपा में विलय के बाद हुई है, जिन्हें सभापति C. P. Radhakrishnan ने मंजूरी दे दी है।
बताया गया है कि ये सांसद पहले Aam Aadmi Party से जुड़े थे और अब औपचारिक रूप से Bharatiya Janata Party का हिस्सा बन गए हैं। जिन प्रमुख नामों का जिक्र किया गया है, उनमें Raghav Chadha, Ashok Kumar Mittal, Sandeep Pathak, Swati Maliwal और Harbhajan Singh शामिल हैं।
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर महज तीन रह गई है, जो पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
किरण रिजिजू ने इन सांसदों का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि वे Narendra Modi के नेतृत्व में देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह बदलाव संसद के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है और आने वाले विधायी फैसलों में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो सकती है। वहीं, AAP के लिए यह स्थिति संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

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