भोपाल में नगर निगम की कार्यशैली पर सख्त संदेश देने वाली कार्रवाई सामने आई है। संस्कृति जैन ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक अधिकारी को पद से हटा दिया, जिससे निगम दफ्तर में हड़कंप मच गया।
मामला नगर निगम की एक अहम समीक्षा बैठक का है, जहां जोन-1 के एएचओ रविकांत औदिच्य मीटिंग से गायब पाए गए। कमिश्नर ने जैसे ही बीएमसी मॉनिटर ऐप की समीक्षा की और संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति सामने आई, तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया और मुख्यालय अटैच कर दिया।
बताया जा रहा है कि अधिकारी करीब डेढ़ घंटे की देरी से बैठक में पहुंचे, लेकिन तब तक आदेश जारी हो चुके थे। यही नहीं, देर से आने वाले अन्य दो अधिकारियों पर भी नाराजगी जताई गई और उन्हें दंडस्वरूप अपने खर्च पर चाय पिलाने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई—जोन-1 के अधिकारियों ने बीएमसी मॉनिटर ऐप तक नहीं खोला था, जबकि इसी ऐप से शहर में कचरा प्रबंधन की निगरानी होती है। इस पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई और साफ चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में कचरा प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि हर हाल में कचरे का अलग-अलग सेग्रीगेशन सुनिश्चित किया जाए और कलेक्शन में किसी भी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए। साथ ही ड्यूटी टाइम फिर से सुबह 6 बजे लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
इस कार्रवाई को नगर निगम में अनुशासन स्थापित करने की बड़ी पहल माना जा रहा है। साफ संदेश है—अब लापरवाही पर सिर्फ चेतावनी नहीं, सीधे कार्रवाई होगी।

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