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अशोकनगर: लव जिहाद के संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़; तीन नाबालिगों का धर्मांतरण और शोषणAshoknagar: Organized 'Love Jihad' Syndicate Busted; Conversion and Exploitation of Three Minors

 


​पिपरई (अशोकनगर): जिले के पिपरई क्षेत्र में तीन नाबालिग बालिकाओं के साथ धर्मांतरण और क्रूर शोषण का ऐसा हृदय विदारक मामला प्रकाश में आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने मासूम युवतियों को निशाना बनाने वाले एक सुनियोजित 'लव जिहाद' गिरोह के घिनौने चेहरे को उजागर किया है।


​बुर्के में घर लौटी बेटी, तो खुला राज

​इस गहरी साजिश का पटाक्षेप तब हुआ जब एक लापता नाबालिग लड़की अचानक बुर्का पहनकर अपने घर पहुंची। उसे इस वेशभूषा में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। जब बालिका से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी और अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ हुई दरिंदगी की जो कहानी सुनाई, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी।

​षड्यंत्र का तरीका: दोस्ती से दगाबाजी तक

​पुलिस जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि भोपाल के तीन युवकों—अल्तामश खान, आहत शेख और अरहान अली—ने मित्रता का स्वांग रचकर इन लड़कियों को अपने जाल में फंसाया था।

​अपहरण और धर्मांतरण: आरोपियों ने लड़कियों को बहला-फुसलाकर अगवा किया और भोपाल ले गए। वहाँ डरा-धमकाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया।

​निकाह और दरिंदगी: आरोपियों ने इन मासूमों के साथ जबरन निकाह किया और लगातार उनका शारीरिक शोषण (दुष्कर्म) किया।

​पहचान मिटाने का प्रयास: पीड़ितों का 'ब्रेनवाश' किया गया और उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों को त्यागकर बुर्का पहनने व इस्लामिक जीवन शैली अपनाने के लिए मजबूर किया गया।

​संगठित सिंडिकेट का संचालन

​यह गिरोह किसी एक अपराधी का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की तरह कार्य कर रहा था। मुख्य आरोपी अल्तामश खान ने मंडीदीप से एक लड़की को अपने चंगुल में लिया, जबकि उसके साथियों ने अन्य दो सहेलियों को निशाना बनाया। ये तीनों आरोपी आपस में गहरे मित्र हैं और मिलकर हिंदू बालिकाओं की पहचान मिटाने का खेल खेल रहे थे।

​पुलिस की कड़ी कार्रवाई

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में पिपरई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। तीनों दरिंदों के विरुद्ध निम्नलिखित कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है:

​दुष्कर्म और अपहरण

​पॉक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण)

​मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून)

​अनुसूचित जाति एवं जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनिय

​वर्तमान स्थिति: पुलिस अब इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। यह जाँच की जा रही है कि इस गिरोह को कहाँ से सहायता मिल रही थी और क्या अन्य लड़कियां भी इनके जाल में फंसी हुई हैं।

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