Akash Tripathi (पूर्व कलेक्टर, इंदौर) और Vivek Shrivastava (कलेक्टर, टीकमगढ़) को करीब सात साल पुराने जमीन विवाद मामले में अदालत से राहत मिल गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता विवादित जमीन पर अपना दावा साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और दोनों अधिकारियों के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर विराम लग गया।
यह मामला उस समय का बताया जा रहा है जब आकाश त्रिपाठी इंदौर में संभागायुक्त और विकास प्राधिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे। वहीं विवेक श्रीवास्तव वर्तमान में टीकमगढ़ जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद दोनों अधिकारियों को लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद से बड़ी राहत मिली है। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अधिकारियों पर लगे आरोपों को पर्याप्त आधार नहीं मिलने की बात स्पष्ट हुई है।

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