भोपाल। जबलपुर-बैतूल से आकर इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। शहर में यातायात के दबाव को कम करने के लिए पश्चिम बायपास बनाया जाएगा। 31.61 किलोमीटर लंबा फोर लेन यह मार्ग मंडीदीप रतनपुर मार्ग से प्रारंभ होकर कोलार-रातीबड़, फंदाकलां होते हुए भोपाल-देवास मार्ग पर फंदा तक बनेगा। इसकी लागत 3225.51 करोड़ रुपये आएगी।
भोपाल शहर होकर जबलपुर, बैतूल से होते हुए इंदौर जाने वाले वाहनों के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिसे कम करने के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 40.90 किलोमीटर लंबे चार लेन पश्चिम बायपास बनाने का निर्णय कर चार सितंबर 2023 को 2981.65 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी।
मेसर्स पीएनसी इन्फ्रा लिमिटेड के साथ सात मार्च 2024 को अनुबंध भी हो गया परंतु 80 प्रतिशत भूमि ठेकेदार को नहीं दी जा सकी। उधर, दो दिसंबर 2024 को रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया, जिससे प्रस्तावित मार्ग का कुछ भाग बफर जोन में आने, प्राचीन शिव मंदिर (समसगढ़) तथा बड़े तालाब के केचमेन्ट क्षेत्र में पुलों के समुचित प्रविधान पर्यावरण विभाग अधिसूचना के अनुसार नहीं करने पर एलाइनमेंट में परिवर्तन किया गया।
21 किमी कम हो जाएगी दूरी
जबलपुर से आने वालों को इंदौर-देवास मार्ग तक पहुंचने में भोपाल होते हुए जाने में अभी 21 किलोमीटर लगते हैं। बायपास बनने से यह दूरी कम हो जाएगी, जिससे 90 मिनट की यात्रा 20 मिनट में पूरी होगी। पहले योजना बायपास मंडीदीप के पास इकायाकलां से फंदा तक बनाने की थी। इसमें वन क्षेत्र 6.01 किलोमीटर था, जब अब 5.2 45 किलोमीटर रहेगा।

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