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प्री-मानसून दिखाएगा खेल: 28, 29 और 30 अप्रैल को होगी भारी बारिश, इन राज्यों के लिए मौसम विभाग का अलर्टPre-monsoon show: Heavy rains expected on April 28, 29 and 30, Meteorological Department alert for these states



भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में 28, 29 और 30 अप्रैल को प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। अल-नीनो के संभावित प्रभाव की चर्चाओं के बीच, अगले तीन दिन भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा।

​क्षेत्रवार विस्तृत मौसम रिपोर्ट नीचे दी गई है:

 ​उत्तरपश्चिमी राज्यों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।

​प्रभावित क्षेत्र: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख।

​चेतावनी: इन क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।


​मध्य और पूर्वी हिस्सों में मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आएगी।​प्रभावित क्षेत्र: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और झारखंड।

​चेतावनी: यहां हवाओं की गति 30-50 किमी/घंटा तक जा सकती है। भारी बारिश के साथ कुछ जिलों में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।


​दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बादलों की जोरदार आवाजाही बनी रहेगी।

​प्रभावित क्षेत्र: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, माहे, यनम, कराईकल और रायलसीमा।

​चेतावनी: जमकर बारिश होने के साथ-साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है

​पूर्वोत्तर के राज्यों में प्री-मानसून का सबसे ज्यादा असर दिखने की संभावना है।

​प्रभावित क्षेत्र: असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और नागालैंड।

​चेतावनी: यहां तीन दिनों तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे बिजली कड़कने और आंधी चलने की स्थितियां बनी रहेंगी।


​पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा।

​प्रभावित क्षेत्र: महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्से।

​चेतावनी: राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

​सावधानी: खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली कड़कने की स्थिति में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि को देखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के इंतजाम

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