भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत दो लाख से अधिक शिक्षकों के हित में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।
उन्होंने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के संदर्भ में राज्य सरकार को रिव्यू पिटीशन या क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर टीईटी अनिवार्यता को भूतलक्षी के बजाय भविष्यलक्षी प्रभाव से लागू कराने की मांग करनी चाहिए। परीक्षा में असफल रहने पर सेवा समाप्ति या सेवानिवृत्ति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इससे शिक्षक चिंतित हैं।
उनका यह भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय महाराष्ट्र से संबंधित था और मध्य प्रदेश इस मामले में पक्षकार नहीं था। इसके बावजूद राज्य में इसे लागू कर दिया गया, जबकि प्रदेश में पहले से ही कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से टीईटी के समान परीक्षा प्रणाली लागू है।
ऋण अदायगी तिथि आगे बढ़ाए सरकार: उमंग सिंघार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसानों की ऋण अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखा है। सिंघार ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है और अब तक तीन बार तिथि परिवर्तित की जा चुकी है।बारदानों की कमी के कारण खरीदी कार्य बाधित हो रहा है, जिससे किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर किसानों की ऋण चुकाने की क्षमता पर पड़ रहा है। इस कारण, सरकार को ऋण अदायगी तारीख बढ़ानी चाहिए।

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