धर्मनगरी वृंदावन में यमुना की लहरों ने शुक्रवार को ऐसा कहर बरपाया कि कई परिवारों के चिराग बुझ गए। वृंदावन और मांट के बीच हुए इस भीषण नाव हादसे में मरने वालों का आंकड़ा अब बढ़कर 13 हो गया है। प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नाव चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नदी की गहराई में अब भी लापता लोगों की तलाश के लिए महा-अभियान जारी है।
जब चीख-पुकार में बदल गए जयकारेयह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव वृंदावन से मांट की ओर जा रही थी। पॉन्टून पुल के समीप पहुंचते ही नाव अचानक अनियंत्रित होकर यमुना के गहरे पानी में पलट गई। चश्मदीदों के मुताबिक, नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। पलक झपकते ही हंसता-खेलता माहौल चीख-पुकार में बदल गया। स्थानीय लोग और मल्लाह तुरंत बचाव के लिए कूदे, लेकिन पानी का बहाव और गहराई काल बन गई।
13 जिंदगियां खत्म, सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा शनिवार देर शाम और रविवार सुबह चले सर्च ऑपरेशन में कुछ और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या 13 तक पहुंच गई है। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी देहात के अनुसार, घटनास्थल से काफी दूर तक शव बहकर चले गए थे, जिन्हें निकालने के लिए गोताखोरों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन को डर है कि अभी भी कुछ लोग लापता हो सकते हैं, इसलिए सर्च ऑपरेशन का दायरा 2 से 3 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई: चालक पर गिरी गाज हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नाव पर क्षमता से अधिक भीड़ थी और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। पुलिस ने नाव चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

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