छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ सा है. कई जिलों में तेज हवाओं व बूंदाबांदी ने शुरुआती गर्मी से कुछ राहत दी है, तो वहीं कुछ इलाकों में अचानक बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि ने फसलों को बर्बाद कर दिया है. पांढुर्णा में बारिश, ओले और तूफान से खेतों में खड़ी फसल गिर गईं. गुरुवार शाम को पांढुर्णा के बुचनखापा में इसका ज्यादा असर देखा गया, जहां आसपास तेज हवा के साथ बारिश और कंचे से भी बड़े आकार के ओले गिरे.
संतरे और सब्जी की फसल को हुआ भारी नुकसान
अचानक हुई बारिश और ओले की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान संतरे की फसल और सब्जियों को हुआ है. ओले गिरने की वजह से पेड़ों से संतरे जमीन पर गिर गए तो अधिकतर संतरों में ओले के कारण दाग आएंगे और सड़ने की शिकायत होगी, जिसके कारण भाव भी कम मिलेंगे. किसान काशी नाथ बालपांडे ने बताया, '' इस मौसम में ओला गिरना संतरे के किसानों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है क्योंकि फसल पकने को तैयार है और ऐसे में फसल में दाग आते हैं जिसकी वजह से बाजार में दाम कम मिलते हैं. वही सब्जी की फसल में ओले के कारण दिक्कत होती है. सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर और गोभी में होता है. गोभी में इल्लियां होती हैं तो टमाटर सढ़ने लगते हैं.''
तूफान के कारण गेहूं की फसल खेतों में हुई चौपट
सिर्फ ओलावृष्टि ही नहीं अचानक तेज हवाओं के साथ तूफान ने भी किसानों के लिए कहर बरपाया है. तेज हवाओं की वजह से खेतों में लगी गेहूं की फसल चौपट हो गई हैं. इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में कई जगह बिजली के तार टूटे तो कई जगह बिजली के पोल गिरने की भी शिकायत है. किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश और तूफान के साथ ओला गिरने से उनका भारी नुकसान हुआ है. सरकार को इसके लिए जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए.

Post a Comment