मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के यात्रियों को अव्यवस्थाओं के कारण पूरी रात परेशानियों के बीच बितानी पड़ी. पानसेमल से बड़ी संख्या में पहुंचे यात्रियों ने आरोप लगाया "उन्हें बड़वानी नगर पालिका परिसर के बाहर ही रुकना पड़ा, जहां न तो सोने की समुचित व्यवस्था थी और न ही भोजन व पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं."
तीर्थ यात्रियों की मुश्किल में गुजरी रात
पानसेमल निवासी नारायण ने बताया, "मैं योजना के तहत यहां पहुंचा था, लेकिन मुझे खुले में रात गुजारनी पड़ी. यहां खाना-पानी और सोने की कोई व्यवस्था नहीं है. गर्मी में भी कोई ध्यान नहीं दे रहा, जिससे बात करो, वही भगा देता है. वहीं राजेंद्र गुप्ता ने बताया, "मेरा नाम सूची में 153 नंबर पर होने के बावजूद मुझे मौके पर वापस जाने के लिए कहा गया. हम अपने खर्चे से यहां आए हैं, लेकिन यहां न बैठने की व्यवस्था है और न भोजन की सुविधा उपलब्ध है."
प्रशासन पर लगे लापरवाही के आरोप
यात्रियों ने बताया "अधिकारियों से संपर्क करने पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है. एसडीएम से बात करने पर भी व्यवस्था हो जाएगी, कहकर टाल दिया गया, लेकिन देर रात तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया. कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक बुजुर्ग के साथ रहने वाले व्यक्ति को भी साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जो मानवीय दृष्टिकोण से गलत है."
स्थानीय मीडियाकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो प्रशासन सक्रिय हुआ और यात्रियों के ठहरने, पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था शुरू की गई, जिससे कुछ हद तक राहत मिली.
डिप्टी कलेक्टर शक्ति सिंह चौहान ने बताया, "ऊपर से मिले निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं की गई हैं. वहीं जब नगर पालिका में बंद पड़े पंखों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस संबंध में नगर पालिका से बात करने की बात कही."

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