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अच्छी बारिश के लिए उज्जैन में महाकाल के आंगन में सोमयज्ञ, सोमरस से देंगे आहुतिSomayajna in the Courtyard of Mahakal in Ujjain for Good Rainfall; Offerings to be Made Using Somras.

 

ब्यूरो उज्जैन : शैलेंद्र कुशवाहा

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शनिवार को शनिपुष्य नक्षत्र के महासंयोग में सोमयज्ञ का आरंभ हुआ। प्रथम दिवस यज्ञशाला का पूजन तथा यज्ञ के यजमान का यज्ञशाला में प्रवेश हुआ। 2 अप्रैल तक चलने वाले छह दिवसीय अनुष्ठान में नित्य अलग-अलग विधि संपन्न होगी। वैदिक विद्वान सोमवल्ली वनस्पती से सोमरस तैयार कर इंद्र, वरुण आदि वृष्टि के देवताओं की प्रसन्नता के लिए आहुति देंगे।


सौमिक सुवृष्टि अनुष्ठान देश में उत्तम वर्षा व श्रेष्ठ धान्य उत्पादन के साथ प्रजा की सुख समृद्धि के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान है। धर्मराज युधिष्ठिर ने भी प्रजा की सुख समृद्धि के लिए इस प्रकार का अनुष्ठान कराया था। वर्तमान में अक्षय कृषि परिवार व महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहयोग से दिव्य अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है।

पहाड़ी क्षेत्र से सोमवल्ली वनस्पती लाई गई

श्री महाकालेश्वर मंदिर के निश्शुल्क अन्नक्षेत्र परिसर में यज्ञ के लिए विशाल यज्ञ शाला का निर्माण कराया गया है। दक्षिण भारत के श्रेष्ठ विद्वान यज्ञ की विधि संपादित करा रहे हैं। बताया जाता है सोमयज्ञ में आहुति देने के लिए पहाड़ी क्षेत्र से सोमवल्ली वनस्पती को उज्जैन लाया गया है।

यज्ञ शाला में विशेष किस्म की लकड़ी से बनाए गए पात्रों में इस वनस्पती को कूट पीस कर सोमरस तैयार किया जाएगा। इसके बाद इसे देशी घी में उबाला जाएगा। इसके बाद इसमें गाय व बकरी का दूध मिलाया जाएगा। इसी मिश्रण से यज्ञ में आहुति दी जाएगी।

आयोजन गोपनीय, जानकारी साझा नहीं कर रहे

अनुष्ठान की जानकारी को गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन समिति की ओर से यज्ञ को गोपनीय रखा जा रहा है। इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के जनसंपर्क विभाग की ओर से भी अब तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

निश्शुल्क कमरे देने की तैयारी

मंदिर समिति इस अनुष्ठान में सहयोगी संस्थान की भूमिका में है। यज्ञ में शामिल होने वाले विद्वानों तथा बाहर से आए अन्य सहयोगियों के रहने ठहरने की सुविधा श्री महाकालेश्वर यात्री गृह रहेगी। बताया जाता है यात्री गृह में कुल नौ कमरे हैं, जिनका किराया 16 हजार 500 रुपये प्रतिदिन है। मंदिर समिति आठ दिन के लिए यात्री गृह निश्शुल्क उपलब्ध करा रही है।

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