पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव उस वक्त एक नए चरम पर पहुंच गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हालिया दौरे के दौरान राज्य प्रशासन के रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरा खेद प्रकट किया। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटनाक्रम को संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन बताते हुए ममता सरकार की तीखी आलोचना की।
प्रोटोकॉल उल्लंघन और अव्यवस्था के आरोप
उत्तर बंगाल में आयोजित 9वें 'इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव' में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति ने साझा किया कि उन्हें इस कार्यक्रम की अनुमति मिलने में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रोटोकॉल की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके आगमन पर राज्य सरकार का कोई भी प्रतिनिधि या स्वयं मुख्यमंत्री उनकी अगवानी के लिए उपस्थित नहीं था। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम स्थल को अंतिम समय पर बदलने और वहां बुनियादी सुविधाओं (शौचालय व मंच की खराब स्थिति) के अभाव को लेकर भी आयोजकों ने नाराजगी जताई।

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