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नेपाल में नई राजनीतिक शुरुआत: जेन-जेड नेता बालेन्द्र शाह आज लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथA New Political Beginning in Nepal: Gen Z Leader Balendra Shah to Take Oath as Prime Minister Today



नेपाल के राजनीतिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज होने जा रहा है। देश की राजनीति में उभरती नई पीढ़ी के प्रतीक और ‘जेन-जेड’ आंदोलन के प्रमुख चेहरे बालेन्द्र शाह अब नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति में एक नई दिशा और सोच का संकेत भी माना जा रहा है। गुरुवार को बनस्थली स्थित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित केंद्रीय समिति की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने ने बालेन्द्र शाह के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और नई राजनीतिक ऊर्जा को स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिन संसद भवन में नव-निर्वाचित सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई, जिससे औपचारिक रूप से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी।


रामनवमी के दिन शपथ ग्रहण

बालेन्द्र शाह का शपथ ग्रहण समारोह अपने आप में विशेष और ऐतिहासिक होने वाला है। इसे केवल एक राजनीतिक औपचारिकता न मानकर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन का स्वरूप दिया गया है। समारोह के लिए रामनवमी जैसे पवित्र और शुभ दिन का चयन किया गया है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

समय विशेष रूप से निर्धारित

समारोह के दौरान 108 हिंदू बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन किया जाएगा, जो शुभता और मंगलकामना का प्रतीक है। इसके साथ ही 16 बौद्ध भिक्षु ‘अष्टमंगल’ मंत्रों का जाप करेंगे, जो नेपाल की बौद्ध परंपरा को दर्शाता है। इतना ही नहीं, 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद भी किया जाएगा, जो शक्ति, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यह पूरा आयोजन नेपाल की बहुसांस्कृतिक और सनातन परंपराओं की एकता को प्रदर्शित करेगा। शपथ ग्रहण का समय भी विशेष रूप से निर्धारित किया गया है। शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे (1-2-3-4 के क्रम में) यह समारोह आयोजित होगा, जो शुभ संयोग और सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम नवनिर्मित संसद भवन, सिंह दरबार में आयोजित किया जाएगा, जो देश की सत्ता और प्रशासन का प्रमुख केंद्र है।

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