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इंदौर ईओडब्ल्यू का बड़ा एक्शन, करोड़ों का बैंक गबन करने वाला गिरोह पकड़ा !Major Action by Indore EOW: Gang Involved in Multi-Crore Bank Embezzlement Busted


आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का गबन करने वाले गिरोह को पकड़ा है। प्रकोष्ठ ने तत्कालीन बैंक मैनेजर जतिन गुप्ता और जालसाज जावेद खान सहित सात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। गिरोह अभी तक करोड़ों की हेराफेरी कर चुका है। एसपी (ईओडब्ल्यू) रामेश्वर यादव के अनुसार मामला केनरा बैंक की नंदानगर शाखा का है। बैंक की ओर से डिप्टी जनरल मैनेजर आनंद तोतड़े ने शिकायत की थी।


फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत से रची गई साजिश

निरीक्षक राजेश साहू द्वारा जांच की गई व मंगलवार को आरोपित करामत खान, मोहम्मद रफीक, जतिन गुप्ता, कमलेश दरवानी, सुनील जैन, जावेद और इरफान पर केस दर्ज कर लिया। करामत पुत्र अब्दुल रहमान की 'अबू रोड लाइंस' के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी है। उसे व्यापार के लिए लोन की आवश्यकता थी। आरोपित ने सिंडीकेट बैंक (अब केनरा बैंक) में लोन के लिए आवेदन किया था। अफसरों ने जावेद से मिलकर खानापूर्ति के लिए कहा।

जावेद ने साजिश की व ग्रीन पार्क कॉलोनी स्थित एक मकान के मोहम्मद हुसैन के नाम फर्जी दस्तावेज बना लिए। इरफान के साथ साजिश की व आरोपित मोहम्मद रफीक पुत्र हुसैन मोहम्मद को बैंक में पेश कर दिया। मूल्यांकनकर्ता सुनील जैन ने सर्च रिपोर्ट बनाकर दे दी। क्रेडिट मैनेजर कमलेश और ब्रांच मैनेजर जतिन ने भी बगैर मौका देखे 33 लाख का ऋण स्वीकृत कर दिया।

नीलामी के दौरान खुला फर्जीवाड़े का राज

किस्तें जमा न करने पर अकाउंट एनपीए (NPA) घोषित कर संपत्ति की नीलामी निकाली। बाद में पता चला कि मकान के दस्तावेज फर्जी हैं। इस मकान को इंडियन बैंक पूर्व में ही नीलाम कर चुका है। पुलिस ने जांच कर केस दर्ज कर लिया। जावेद के विरुद्ध लसूड़िया और मुंबई में भी करोड़ों रुपयों की हेराफेरी और फर्जी दस्तावेजों से ऋण लेने के केस दर्ज हो चुके हैं।

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