महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को ऐतिहासिक धर्म स्वतंत्रता विधेयक बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा। यह विधेयक जबरन, धोखे से और अवैध तरीके से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। सोमवार को विधानसभा में इस विधेयक पर लंबी और विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद देर रात मतदान के दौरान सदन ने बहुमत से इसे मंजूरी दे दी। यह विधेयक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने कहा कि यह कानून राज्य में जबरन और प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्ष के कुछ दलों ने इस पर अलग-अलग मत व्यक्त किए। इस विधेयक के समर्थन में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने भी सरकार का साथ दिया, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा।
भाभी सुनेत्रा के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेंगी सुप्रियामहाराष्ट्र में पुणे की बारामती और अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के बाद दोनों सीटों पर निर्विरोध चुनाव कराने की कवायद शुरू हो गई है। पहल खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है। वहीं, सोमवार को एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं बारामती से लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी बारामती उपचुनाव में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार बारामती से और शिवाजी कर्डिले राहुरी से भाजपा के विधायक थे। 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजीत की मौत हो गई थी। वहीं, शिवाजी कर्डिले का 17 अक्तूबर 2025 में बीमारी से निधन हो गया था। निर्वाचन आयोग ने रविवार को दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। सुप्रिया उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा की ननद हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट पर सुप्रिया ने सुनेत्रा को हराया था। उसके बाद सुनेत्रा राज्यसभा के लिए चुनी गई थी।

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