नेपाल में हुए ऐतिहासिक आम चुनाव (5 मार्च 2026) की मतगणना तेजी से जारी है और रुझानों ने देश की राजनीति में एक बड़े भूचाल का संकेत दे दिया है। अब तक के नतीजों और रुझानों में पुरानी और पारंपरिक पार्टियों, खासकर वामपंथी धड़े (कम्युनिस्ट पार्टियों) का सूपड़ा साफ होता दिख रहा है। वहीं, युवाओं के भारी समर्थन से आगे बढ़ रही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक मजबूत लहर बनकर उभरी है। पूरे चुनाव का सबसे दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल मुकाबला झापा-5 सीट पर है, जहां काठमांडू के पूर्व मेयर, रैपर और RSP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह ने चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को मतों की गिनती में काफी पीछे छोड़ दिया है। पिछले साल सितंबर 2025 में हुए 'Gen Z' आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव है।
नेपाल में कल यानी 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा (संसद के निचले सदन) की 275 सीटों के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव आयोग ने मतपेटियों को इकट्ठा करने के तुरंत बाद वोटों की गिनती जारी है। नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, कल हुए चुनाव में लगभग 60% वोटिंग दर्ज की गई। देश भर में बनाए गए 10,963 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य 9 मार्च तक वोटों की गिनती पूरी करना है। 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' (सीधे चुनाव) वाली 165 सीटों के रुझान आज मिलने शुरू हो जाएंगे, जबकि बाकी 110 सीटों का फैसला 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' प्रणाली के तहत होगा।
पीएम बनने के लिए बालेन शाह को कितनी सीटों की जरूरत
नेपाल चुनाव में बालेन शाह लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। नेपाली पत्रकार कुंडा दीक्षित के मुताबिक अगर बालेन की पार्टी आरएसपी 138 सीटों पर जीत दर्ज कर लेती है, तो बालेन का प्रधानमंत्री बनना तय है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि वह अपने मंत्रीमंडल में तकनीक के विशेषज्ञ लोगों को शामिल करेंगे।

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