Top News

एक्शन या सेटिंग? मोहन सरकार में अफसरों की ‘हटाओ-पोस्टिंग’ नीति पर सवाल”Action or Setting? Questions Raised Over the Mohan Government’s ‘Remove-and-Post’ Policy for Officials

 

प्रणव बजाज

“हटाए भी, बचाए भी! IAS-IPS पर कार्रवाई या अंदरूनी खेल?”

मध्यप्रदेश में मौजूदा हालात तीन बातें साफ करते हैं:

एक्शन दिख रहा है, लेकिन निरंतरता पर सवाल है

हटाए गए अफसरों की वापसी सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है

ट्रांसफर अब प्रशासन नहीं, राजनीति का हिस्सा बनता दिख रहा है

भोपाल। मध्यप्रदेश में मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में IAS, IPS और अन्य अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई और तबादलों का दौर तेज हो गया है। पिछले करीब 2–2.5 साल में जिस तरह से बड़े पैमाने पर अफसर हटाए गए, बदले गए और फिर “मलाईदार पोस्टिंग” दी गई—उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


प्रशासन पर असर : बार-बार ट्रांसफर से योजनाएं अधूरी रह जाती हैं जिले में स्थिरता खत्म होती है आम जनता को सीधा नुकसान हो रहा है।

*क्या हो रहा है मैदान में?

👉 आधिकारिक आंकड़े और रिपोर्ट बताते हैं:

27 महीनों में

8 कलेक्टर (IAS)

7 SP (IPS) हटाए/ट्रांसफर किए गए 

कई मामलों में कार्रवाई के बाद उसी अधिकारी को दूसरी ताकतवर पोस्ट दे दी गई 

अलग-अलग समय पर:

26 IAS एक साथ ट्रांसफर (जनवरी 2026) 

11 IAS देर रात बदले गए (फरवरी 2026) 

50 तक IPS अफसरों का भी बड़े स्तर पर फेरबदल (2025) 

* साफ है — “ट्रांसफर इंडस्ट्री” हाई लेवल पर एक्टिव है?

नाम जिन पर हुई कार्रवाई (मुख्य केस)

1. दिलीप कुमार यादव (IAS)

पद: इंदौर नगर निगम कमिश्नर

कारण: पानी कांड (मौतों के बाद हटाए गए)

लेकिन बाद में: पर्यटन विकास निगम के MD बना दिए गए 

*सवाल: सजा या इनाम?

* 2. अंकित सोनी (IPS)

पद: SP, गुना

मामला: ₹20 लाख रिश्वत कांड

कार्रवाई:

SP पद से हटाया

AIG HQ में पोस्टिंग पर कार्यवाही ?

*साथ में:

SHO प्रभात कटारे

ASI साजिद हुसैन

हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिकवार

कांस्टेबल सुंदर रमन पर भी कार्यवाही ?

* सभी सस्पेंड

 3. स्वरोजिशा सोमवंशी (IAS)

पद: कलेक्टर, सीधी

कारण: जन शिकायतें

कार्रवाई: हटाया गया 

 4. अन्य जिले जहां कलेक्टर/SP बदले गए

अशोकनगर

मऊगंज

सागर

सिवनी

हरदा

शाजापुर

गुना 

* असली सवाल: कार्रवाई क्यों हो रही है?कुछ अफसरों को हटाने के बाद जल्दी ही दूसरी अहम पोस्टिंग मिल जाती है। इससे कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठता है।

* सरकारी कारण (Official Version)

प्रशासनिक सुधार

जवाबदेही तय करना

लापरवाही पर सख्ती

* लेकिन अंदर की कहानी क्या कहती है?

1. “हटाओ और फिर बसाओ” मॉडल

अधिकारी हटते हैं

कुछ दिन बाद दूसरी मजबूत पोस्ट

*इससे “कार्रवाई” की गंभीरता पर सवाल

2. राजनीतिक समीकरण

ट्रांसफर = पावर बैलेंस का टूल

“फेवरिट अफसर” को बचाया जाता है

“नॉन-अलाइन” अफसर हटाए जाते हैं

3. क्या पैसों का खेल?

* सीधे सबूत सामने नहीं आए, लेकिन:

बार-बार ट्रांसफर

मलाईदार पोस्टिंग

अचानक बदलाव

* ये पैटर्न अक्सर “पोस्टिंग इंडस्ट्री” की ओर इशारा करता है

4. सिस्टम में अस्थिरता

लगातार बदलाव से:

विकास कार्य रुकते हैं

फैसले अधूरे रहते हैं

* प्रशासन कमजोर होता है

* मध्यप्रदेश में इस समय तीन चीजें साफ दिख रही हैं:

एक्शन दिखाने की राजनीति

अंदर से सेटिंग की सिस्टम

ट्रांसफर = कंट्रोल का हथियार ?

Post a Comment

Previous Post Next Post