बदमाशों की एक गैंग ने वर्चस्व प्रदर्शित करने के लिए जिला कोर्ट में पटाखा फोड़ा था। वारदात को सात आरोपितों ने मिलकर अंजाम दिया था। पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। सोमवार को जिला कोर्ट के न्यायालय क्रमांक एक के पास प्रथम तल से एक पटाखा फेंका गया था। जिसके धमाके से दहशत फैल गई थी।
पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
घटना के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ओमती पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। ओमती पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांची। छह संदिग्धों को चिन्हित किया, जिनकी पहचान माढ़ोताल के चुंगीनाका शिव शक्ति नगर निवासी अनूप श्रीपाल (18), मदर टेरेसा नगर निवासी अनुज राजपूत (20), मूलत: मझौली और वर्तमान में विजय नगर कालीमाता मंदिर के पास निवासी परोक्ष राजपूत उर्फ दक्ष (18), शंकर नगर निवासी तनमय राजपूत (19), पंकज राजपूत (28), कृष्णा ठाकुर और मनीष अहिरवार एक अन्य के रूप में हुई।
गैंग के सरगना की तलाश जारी
ओमती पुलिस ने छापेमारी कर आरोपितों तनमय, अनुज, अनूप और परोक्ष उर्फ दक्ष को दबोचा। उनके साथी आरोपित पंकज राजपूत को माढ़ोताल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित पंकज की आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए उस पर एनएसए कार्रवाई की गई है। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उनकी गैंग का सरगना मनीष अहिरवार हत्या के मामले में आरोपित है।
पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा
सरगना के मामले की सोमवार को कोर्ट में सुनवाई थी, जिसमें उसके पक्ष में गवाही हुई थी। विरोधी पक्ष पर दबाव बनाने और अपना वर्चस्व प्रदर्शित करने के इरादे से उन्होंने कोर्ट में पटाखा फोड़ा था। पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपितों को कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को केंद्रीय कारागार भेजा है। ओमती पुलिस मामले में फरार मनीष अहिरवार, कृष्णा ठाकुर की तलाश कर रही है।

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