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रायपुर में ₹37 करोड़ का प्रोजेक्ट 'स्काई वॉक' अधूरा, आठ महीनों का किया था वादा, 10 माह में भी सुस्ती... लटकते स्ट्रक्चर से खतरा₹37-Crore 'Skywalk' Project in Raipur Remains Incomplete: Promised in Eight Months, Still Stalled After Ten—Hanging Structure Poses a Hazard.

 

रायपुर: शहर के बीचों-बीच 37 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे शास्त्री चौक स्काई वॉक (Sky Walk) के निर्माण की गति धीमी नजर आ रही है। इसे आठ माह में पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन 10 माह में भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। कई स्थानों पर पुराने स्ट्रक्चर अब तक नहीं हटाए गए हैं, जो तेज हवा में लटकते दिखाई देते हैं। ऐसे में इनके गिरने से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।अभी तक कचहरी चौक और आंबेडकर अस्पताल चौक और शास्त्री चौक पर कंपनी ने गर्डर जरूर चढ़ाए। लेकिन पांच महीने बीतने के बाद भी न तो सीढ़ियां बनी हैं और न ही पिलर खड़े हो पाए हैं। पीडब्ल्यूडी ने मई में काम शुरू कर आठ महीने में पूरा करने की समय-सीमा तय की थी। लेकिन आधा समय निकलने के बावजूद ठेकेदार सिर्फ लोहे की संरचना तक ही सीमित है।


मौके पर अधिकांश हिस्सों में गर्डर और बीम तो दिख रहे हैं, लेकिन पैदल यात्रियों के लिए जरूरी ढांचा अब भी अधूरा है। विभाग की ओर से हर बार यही तर्क दिया जा रहा है कि ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है, इसलिए निर्माण प्रभावित हो रहा है।

यह है स्काईवाक प्रोजेक्ट

स्काई वॉक का उद्देश्य रेलवे स्टेशन, शास्त्री चौक और जयस्तंभ चौक जैसे व्यस्त इलाकों में पैदल यात्रियों को ट्रैफिक से राहत देना और शहर को माडर्न लुक देना है, ताकि शहर के बीच दोपहिया-चारपहिया वाहनों की आवाजाही कम हो सके। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 37 करोड़ 75 लाख 70 हजार 682 रुपये है, जो पहले के अनुमान से लगभग 20.17 प्रतिशत अधिक है। निर्माण कार्य को पीएसएस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड रायपुर को सौंपा गया है।

यह है स्काईवाक प्रोजेक्ट

स्काई वॉक का उद्देश्य रेलवे स्टेशन, शास्त्री चौक और जयस्तंभ चौक जैसे व्यस्त इलाकों में पैदल यात्रियों को ट्रैफिक से राहत देना और शहर को माडर्न लुक देना है, ताकि शहर के बीच दोपहिया-चारपहिया वाहनों की आवाजाही कम हो सके। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 37 करोड़ 75 लाख 70 हजार 682 रुपये है, जो पहले के अनुमान से लगभग 20.17 प्रतिशत अधिक है। निर्माण कार्य को पीएसएस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड रायपुर को सौंपा गया है।

2016 से लटका स्काईवाक

शास्त्री चौक स्काई वाक की कहानी नई नहीं है। 2016-17 में इसका सपना देखा गया और तब करीब 70 प्रतिशत निर्माण भी हो चुका था। 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद काम रोक दिया गया। वर्षों बाद जब दोबारा निर्माण शुरू हुआ तो उम्मीद जगी, लेकिन ठेकेदार की सुस्ती और विभागीय ढिलाई के चलते यह प्रोजेक्ट फिर अटकता नजर आ रहा है। इंजीनियरों का मानना है कि मौजूदा रफ्तार ऐसी ही रही तो इसे पूरा होने में सात से आठ महीने और लग सकते हैं।

कहां-कहां से गुजरेगा स्काई वाक

स्काई वाक डीकेएस अस्पताल से आंबेडकर अस्पताल तक प्रस्तावित है। दोनों छोर पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है, ताकि मरीजों को स्ट्रेचर सहित एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक आसानी से पहुंचाया जा सके। जयस्तंभ चौक, शहीद स्मारक, तहसील कार्यालय और कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्ग जोड़ने का भी दावा किया गया है।

ट्रैफिक और पार्किंग की योजना

स्काई वॉक के चालू होने के बाद जयस्तंभ और कलेक्ट्रेट की दिशा से आने वाले वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा करना होगा। वहां से लोग स्काई वाक से संभागायुक्त कार्यालय, तहसील, जिला कोर्ट और शहीद स्मारक भवन तक पैदल पहुंच सकेंगे।

यहां निर्माण अब भी अटका

कलेक्ट्रेट और जिला कोर्ट दिशा में तीन एग्जिट प्वाइंट अब भी अधूरे।

डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल को जोड़ने वाला हिस्सा बंद पड़ा।

एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं।

जयस्तंभ चौक, शहीद स्मारक और तहसील आफिस की ओर निर्माण अधूरा।

रात में रोका गया ट्रैफिक

शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक रात के समय (10 रात से 6 सुबह तक) यातायात को वन-वे किया गया है, ताकि गर्डर और स्लैब लगाने का काम तेजी से पूरा किया जा सके।

सुविधाएं : लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे स्काई वाक में 12 स्थानों पर एस्केलेटर और सीढ़ियां लगाई जाएंगी, जो घड़ी चौक, आंबेडकर अस्पताल और जयस्तंभ चौक को जोड़ेंगी।

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