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सीएम मोहन यादव बोले- जल है तो कल है का नहीं कोई विकल्प, 30 जून तक चलेगा जल गंगा संवर्धनCM Mohan Yadav Says: "There Is No Alternative to 'If There Is Water, There Is a Future'"; 'Jal Ganga Samvardhan' Campaign to Continue Until June 30.

 

मुख्यमंत्री  मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रकृति का अनमोल उपहार है और इसे बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'जल है तो कल है' का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का नया चरण शुरू करने जा रही है।  इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ उज्जैन में शिप्रा नदी तट से भारतीय नववर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के दिन किया जाएगा। यह अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। । इस दौरान प्रदेशभर में जल संरक्षण और जल संरचनाओं के निर्माण से जुड़े काम किए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका माना जाता है और जल आत्मनिर्भरता से ही प्रदेश समृद्ध बन सकता है। सरकार चाहती है कि हर गांव, हर शहर और हर नागरिक जल संरक्षण के प्रयासों से जुड़े। समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे तो प्रदेश जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल बन सकता है। उन्होंने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान में तालाब, कुएं, बावड़ियां और अन्य जल स्रोतों के निर्माण व पुनर्जीवन का काम किया जाएगा। साथ ही वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल स्रोतों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे श्रमदान कर अपने गांव और मोहल्लों में जल स्रोतों को संरक्षित करने में सहयोग करें।

वहीं वर्ष 2025 में चलाए गए दूसरे चरण में भी बड़े पैमाने पर काम हुआ। अब तक 72 हजार से अधिक जल संरचनाएं बन चुकी हैं और 64 हजार से ज्यादा का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं में खेत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, नहर, कुएं और बावड़ियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा के दौर में जल संरक्षण पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान से न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा

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