अभी कुछ महीने पहले ही सिवनी में पुलिस ने करोड़ों की नकदी दबा ली थी। अब गुना पुलिस ने उसी भ्रष्टाचार के मॉडल को दोहरा दिया है। गुजरात से आ रही नोटों से भरी गाड़ी को देखकर पुलिसकर्मियों का ईमान डोल गया। उन्होंने कानून को ताक पर रखकर लाखों का सौदा कर लिया। खाकी पर लगे इस दाग ने एक बार फिर पूरे महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
स्कॉर्पियो से मिले एक करोड़ कैश
गुना के धरनाबदा थाने में पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने गुजरात पासिंग की एक स्कॉर्पियो से एक करोड़ रुपए नकद पकड़े थे। हैरानी की बात ये है कि 20 लाख रूपए लेकर गाड़ी छोड़ दी गड़ी जैसे ही ये मामला सामने आया डीआईजी अमित सांधी रात को ही गुना पहुंचे और मामले की जांच शुरु कर दी थी।
20 लाख की डील
आईजी अरविंद सक्सेना के आदेश पर धरनाबदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे और उनके साथ चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना 19 मार्च की है जब रुठियाई चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोका गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गाड़ी में बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की बजाय 20 लाख रूपए में समझौता कर लिया।
IPS का जानकार है गाड़ी वाला
स्कॉर्पियो को बिना किसी कागजी प्रक्रिया या आयकर विभाग को जानकारी दिए ही छोड़ दिया गया था। ये मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर इस लेन-देन की चर्चा वायरल हो गईी कहा जा रहा है कि जिस व्यापारी का ये मामला है वह गुजरात कैडर के एक बड़े आईपीएस अधिकारी का जानकार है।
जब उस अधिकारी से फोन आया तो गुना पुलिस बैकफुट पर आ गई थी। इसके बाद घूस में ली गई रकम वापस कर दी गई थी। हालांकि अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही कोई लिखित शिकायत आई है।
ये भी जानना जरूरी
अक्टूबर 2025 में सिवनी जिले में पुलिस ने एक कार से लगभग तीन करोड़ रुपए नकद पकड़े थे। रिकॉर्ड में सिर्फ 1 करोड़ 45 लाख रूपए ही दिखाए गए थे। बाकी पैसे को हड़पने के आरोप लगे थे। इस मामले में तब की एसडीओपी पूजा पांडे सहित 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

Post a Comment