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पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा का MP के 32 जिलों में नहीं मिल पाया लाभ, एयर एंबुलेंस से 1,200 घंटे उड़ान का अनुबंध, 204 घंटे ही हो पाया उपयोगThe PM Shri air ambulance service has failed to benefit 32 districts of Madhya Pradesh. A contract was signed for 1,200 hours of flight time using air ambulances, but only 204 hours were actually utilized.

 

गंभीर मरीजों को आपात चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मई 2024 में शुरू की गई पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा का प्रदेश के 32 जिलों में लाभ ही नहीं मिल पाया। यहां एयर लिफ्ट किए गए मरीजों की संख्या शून्य है।


इसका मुख्य कारण योजना के प्रति विधायकों और सांसदों की रुचि न लेना और जिलों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार का अभाव है।

सांसद-विधायक की अनुशंसा महत्वपूर्ण

मरीजों को एयर लिफ्ट करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और उसके बाद कलेक्टर की अनुमति लगती है। इससे भी महत्वपूर्ण सांसद-विधायक की अनुशंसा है, जिसके अभाव में मरीज लाभ नहीं ले पाते।

विमान कंपनियों से सरकार ने 1,200 घंटे उड़ान के लिए अनुबंध किया था, लेकिन 204 यानी 17 प्रतिशत घंटे ही उड़ान भरा गया। विगत वर्ष फिक्स्ड विंग एयर एंबुलेंस के कुल 720 घंटों में से 25 प्रतिशत यानी 180 घंटे ही उपयोग हुए। इसी तरह हेली एंबुलेंस के कुल 480 घंटों में से केवल सात प्रतिशत घंटे ही उपयोग किए हो पाए।

इन पांच जिलों में सर्वाधिक मरीज लाभान्वित

प्रदेश के पांच जिले ऐसे भी हैं जहां एयर एंबुलेंस का सर्वाधिक उपयोग हुआ। रीवा में 44, जबलपुर में 21, भोपाल में 14, छतरपुर में 11 और ग्वालियर में पांच रोगी इस सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। शेष 17 जिलों में एक-दो मरीजों को ही इसका लाभ मिला है।

इस तरह मप्र में मई 2024 से जनवरी 2026 तक पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा से प्रदेश में 127 रोगियों को लाभान्वित किया गया।

गत वर्ष की बढ़ी एयर एंबुलेंस की उपयोगिता

वर्ष 2024-25 में मई 2024 से मई 2025 तक कुल 69 रोगियों को एयर लिफ्ट किया गया। औसतन छह रोगी प्रतिमाह। वहीं वर्ष 2025-26 में 19 जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक छह माह में 58 रोगियों को एयर लिफ्ट अस्पतालों तक पहुंचाया गया। इस वर्ष औसतन 10 रोगी प्रतिमाह एयर लिफ्ट किए गए।

एयर एंबुलेंस के लिए तीन–चार दिन तक करना पड़ा इंतजार

मप्र में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा जमीनी स्तर पर लाभ नहीं दे पा रही है। कुछ मरीजों को तीन से चार दिन इसके लिए इंतजार करना पड़ा। जबकि, अनुबंध के अनुसार निर्धारित हेलीकाप्टर और फिक्स्ड-विंग फ्लाइंग आइसीयू को प्रदेश में ही 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध रहना था।

राज्य सरकार ने इस सेवा के लिए विमान कंपनी फ्लायओला से अनुबंध किया है, जिसे प्रति मरीज औसतन 40 लाख रुपये का भुगतान करना होता है।

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