अमेरिका के साथ पिछले दिनों हुए ट्रेड डील को लेकर सबसे अधिक चिंता कृषि और डेयरी क्षेत्रों को लेकर जताई जा रही है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि डील में भारत के हितों का ख्याल रखा गया है. किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं. किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनके हितों की रक्षा की गई है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने आज गुरुवार को साफ करते हुए कहा कि यह भी कहा कि उनके लिए बाजार नहीं खोला जा रहा है.
अमेरिका के साथ पिछले दिनों हुए ट्रेड डील को लेकर सबसे अधिक चिंता कृषि और डेयरी क्षेत्रों को लेकर जताई जा रही है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि डील में भारत के हितों का ख्याल रखा गया है. किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं. किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनके हितों की रक्षा की गई है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने आज गुरुवार को साफ करते हुए कहा कि यह भी कहा कि उनके लिए बाजार नहीं खोला जा रहा है.
ट्रेड डील पर कोई शक नहींः शिवराज सिंह
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेड डील को लेकर कोई शक नहीं है. हमारे मुख्य अनाज, फल, डेयरी उत्पाद और बाजरा सब सुरक्षित हैं, और उनके लिए कोई बाजार नहीं खोला जा रहा है,
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी के इस ट्वीट पर कि ज्यादा अमेरिकी कृषि उत्पाद एक्सपोर्ट किए जाएंगे, समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “हमारे मंत्री पीयूष गोयल ने भी संसद में पूरी स्थिति साफ कर दी है. मैं दोहराता हूं कि भारतीय किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित रखे गए हैं. चाहे वे छोटे किसान हों या बड़े किसान, हमारे सभी कृषि उत्पाद सुरक्षित रहेंगे. ऐसा कोई भी बाजार नहीं खोला गया है जिससे उनके हितों पर किसी तरह का खतरा हो.”
डेयरी प्रोडक्ट भी सुरक्षितः शिवराज सिंह
डील को लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, “यह ट्रेड डील कूटनीति, विकास और सम्मान का एक नया उदाहरण है. हम संघर्ष नहीं, बल्कि संतुलित और मजबूत आपसी बातचीत में विश्वास करते हैं. किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है. किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं. हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें और बाजरा सब सुरक्षित हैं. साथ ही डेयरी प्रोडक्ट भी सुरक्षित हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि इस डील पर कांग्रेस और विपक्ष निराश हैं. वे मानसिक रूप से परेशान हैं. वे जमीन पर हमारा मुकाबला तो नहीं कर सकते. इसलिए वे अंधाधुंध विरोध कर रहे हैं. वे झूठ की मशीन बन गए हैं. वे अफवाहों का बाजार हैं. इसीलिए वे अफवाहें फैलाकर अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि टैरिफ में कमी से हमारे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. जब देश का कपड़ा निर्यात बढ़ेगा, तो कपास किसानों को भी फायदा होगा.”

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