महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर के कार्यालय में मैसूर के 18वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मालेगांव नगर निगम में यह तस्वीर लगाए जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई है। इसी क्रम में कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर दी। इसी के खिलाफ भाजपा (BJP) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पुणे में विपक्षी दल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई और दोनों ओर से पथराव भी हुआ। इसमें कम से कम 9 लोग घायल हुए है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि झड़प के दौरान कांग्रेस के तीन कार्यकर्ता, भाजपा के दो कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो पत्रकार घायल हो गए। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया गया, जहां भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। दोनों दलों के कार्यकर्ता दीवारों पर चढ़ गए और दोनों तरफ से पथराव हुआ। इस संबंध में शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
टीपू सुल्तान को लेकर सियासी विवाद खड़ा कर देने वाली सपकाल की टिप्पणियों की निंदा करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने रविवार को कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके मद्देनजर इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
दरअसल मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर शनिवार को विवाद हो गया था। शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की तीखी आलोचना करते हुए उनकी टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा था, “टीपू सुल्तान एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे थे। उन्होंने कभी भी जहरीली विचारधाराओं को नहीं अपनाया। हमें टीपू सुल्तान को वीरता के प्रतीक के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष मानना चाहिए।”
पुणे पुलिस ने सपकाल के खिलाफ पुणे भाजपा नगर अध्यक्ष धीरज घाटे की शिकायत पर केस दर्ज किया है। पुणे के पार्वती पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 192, 196(1), 196(2), 352 और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Post a Comment