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ग्वालियर व्यापार मेला, आरटीओ छूट की आड़ में 'लूट', कारों पर 1 लाख तक की अवैध वसूलीGwalior Trade Fair: 'loot' under the guise of RTO exemption, illegal recovery of up to Rs 1 lakh on cars

 

ग्वालियर। व्यापार मेले में आरटीओ छूट की समय सीमा (25 फरवरी) जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ऑटोमोबाइल सेक्टर में ब्लैक के खेल की शुरुआत हो गई है। ग्राहकों की मजबूरी और समय की कमी का फायदा उठाकर प्रीमियम के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। ग्राहकों का कहना है कि आरटीओ छूट का भ्रम फैलाकर ऐसा किया जा रहा है।मेले में कार खरीदने पहुंचे एक ग्राहक ने जब दो अलग-अलग शोरूम से नेक्सन प्योर के कोटेशन लिए तो मनमानी उजागर हो गई। एक कोटेशन में कार की कीमत 10,20,420 रुपये बताई गई, जबकि दूसरे में 10,51,430 रुपये। इसमें कुल अंतर 31,010 रुपये सामने आया।


ग्राहक ने बताया कि जब उन्होंने रेट के अंतर पर सवाल किया तो सेल्स एग्जीक्यूटिव ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वे बस आरटीओ छूट की अंतिम तारीख का डर दिखाकर जल्द बुकिंग करने का दबाव बना रहे हैं। यह सीधे तौर पर ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठाना है। ग्राहक ने यह सब नाम न छापने की शर्त पर बताया।

लग्जरी कारों पर एक लाख तक की वसूली

सिर्फ मध्यम वर्ग की कारों में ही नहीं, बल्कि लग्जरी सेगमेंट में यह खेल और भी बड़ा है। कई शोरूम संचालक पसंदीदा रंग और तत्काल डिलीवरी के नाम पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक का ब्लैक वसूल रहे हैं।

जो ग्राहक मोलभाव कर रहे हैं, उन्हें यह कहकर टरकाया जा रहा है कि मेला छूट का समय अब खत्म हो गया है, अब कंपनी से गाड़ियां नहीं आ पाएंगी।

छूट बंद होने की अफवाह

ग्राहकों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि आरटीओ छूट अब नहीं मिल पाएगी। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बिना मोलभाव किए ऊंचे दामों पर कार खरीदने के लिए मजबूर करना है। जबकि प्रशासन की ओर से छूट की तय तारीख 25 फरवरी है।

इनका कहना है

विक्रमजीत सिंह कंग, परिवहन अधिकारी का कहना है कि अगर तय कीमत से ज्यादा वसूली की शिकायत सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ छूट को लेकर भी भ्रम फैलाए जाने की बात सामने आई थी।

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