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पाचन तंत्र रखना है ठीक? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानिए पानी पीने का सही समय क्या हैWant to keep your digestive system healthy? An Ayurvedic doctor explains the right time to drink water.

 

पानी का कोई स्वाद नहीं होता, लेकिन इसके अनगिनत फायदे हैं. इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं कि साधारण सा दिखने वाला पानी इंसान को अंदरूनी तौर पर कितना फायदा पहुंचाने का काम करता है. आयुर्वेद के अनुसार अच्छा स्वास्थ्य सीधे हमारे पाचन तंत्र से जुड़ा होता है. अगर पाचन सही है तो शरीर खुद-ब-खुद स्वस्थ रहता है, लेकिन जब पाचन बिगड़ता है तो गैस, कब्ज, एसिडिटी, थकान और कई बीमारियां घेर लेती हैं. ऐसे में आपको दवाइयों की नहीं बल्कि पानी की जरूरत पड़ेगी. बस आपको पानी सही वक्त और सही तरीके से पीना है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं पानी पीने का सही तरीका क्या है.


आयुर्वेद में पानी को कहा जाता है अमृत

आचार्य मनीष जी ने बताया है कि पानी है तो जीवन है, लेकिन गलत समय पर पिया गया पानी जहर भी बन सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पानी सीधे हमारी पाचन अग्नि को प्रभावित करता है. जब अग्नि तेज रहती है, तभी खाना सही तरीके से पचता है.

सुबह खाली पेट पानी पीने का सही तरीका क्या है? 

आचार्य मनीष जी ने बताया है कि सुबह उठते ही पानी पीना उषापान कहलाता है. इसलिए हर इंसान को बैठकर या धीरे-धीरे हल्का गुनगुना पानी 1 से 2 गिलास पीना चाहिए. इससे पेट साफ रहता है और कब्ज, गैस और एसिडिटी में राहत मिलती है. 

खाने से पहले पानी पीना चाहिए या नहीं?

आचार्य मनीष जी का कहना है कि खाना खाने से 30 मिनट पहले थोड़ा पानी पीना ठीक माना जाता है. ऐसे करने से भूख नहीं लगती है और इंसान खाना अच्छी तरह से खाता है, लेकिन ज्यादा पानी पीने से पाचन कमजोर हो सकता है. 

पानी पीने का सही तरीका 

आचार्य मनीष जी का कहना है कि खाना खाते समय पानी पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए. आप इस तरह पानी पी सकते हैं. 

क्या करें?

इस दौरान आपको सिर्फ घूंट-घूंट पानी पीना चाहिए.

ज्यादा ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे आपको परेशानी हो सकती है.

आचार्य मनीष जी ने बताया कि रात को सोने से ठीक पहले बहुत पानी पीना सही नहीं है. जरूरत हो तो सिर्फ 2-3 घूंट गुनगुना पानी पिएं.

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