Top News

टेररिस्ट ग्रुप भारत में तैयार कर रहे साइबर स्लीपर सेल, नेशनल सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा Terrorist groups are setting up cyber sleeper cells in India, posing a major threat to national security.

 

चीन के क्राइम सिंडिकेट के गठजोड़ से पाकिस्तान में अब भारत के खिलाफ साइबर टेररिस्ट तैयार हो रहे है। यह खुलासा हाल ही में पकड़े गए उस नेटवर्क से हुआ, जो भारत में साइबर स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहे हैं। जांच एजेसियो का दावा है कि डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे बड़े साइबर क्राइम में पकड़े जा रहे आरोपियो के सीधे कनेक्शन पाकिस्तान से मिल रहे है। 


साइबर स्लीपर सेल के खिलाफ FIR

पुलिस अफसर ने बताया कि पाकिस्तान के लिए साइबर स्लीपर सेल का खुला बीते दिन दिल्ली में उस समय हुआ। जब समयपुर बादली में जांच के दौरान मेोगी गैंग के मृतक उफे बम्ब को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ और उसके मोवाइल की नंच में पकिस्तानी नगरिकों के दिशा निर्देश पर काम करने की चौंकाने वाली जानकारी मानने आई।

जांच में पाकिस्तान के संगठित साइबर चिंडिकेट का पता चला ई-सिम नंबर 8510002930 चले बरामद मोबाइल फोन की जांच की। इसे अरोपी अपने पर्सनल इस्तेमल लैंडसेट के कर रहा था। यह में पता चला कि ऋतिक कई पकिस्तानी वाट्सऐप नंबर पर डेली संपर्क में था जो साइबर प्राइम में उक्टिव है।

चैट ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट

चैट ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और पेमेंट ऐप से शक बेहद गंभीर था। आरोपी ने बताया कि वह बाइनेंस प्लैटफॉर्म के जरिए USDT क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-फरोख्त में शामिल एक 'साइबर चेन' में मीडिएटर के तौर पर काम कर रहा है। आरोपी पाकिस्तानी संदिग्धों को पेमेंट लेने के लिए भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स की UPI देते थे। वे इसके साथ राहुल गुज्जर और दूसरों से मिली थीं।

एक बार जब इन UPI Id पर पेमेंट मिल जाती थी, तो क्रिप्टो ट्रेडर्स पाकिस्तानी संदिग्धों की बाइनेंस Id पर USDT सेल ऑर्डर जेनरेट करते थे। आमतौर पर मौजूदा मार्केट वैल्यू से काफी अघिर रेट पर होते थे। पुलिस के मुताबिक ऋतिक दोनों तरफ के बीच एक फैसिलिटेटर के तौर पर काम करता था। हर ट्रांजेक्शन के लिए लगभग 5% कमीशन लेता था।

पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में

उसने मान कि वह पिछले 3 महीने से इस एक्टविटी में लगा हुआ था। साइबर टीम की मदद से आके मैबाइल की जांच करने पर पर चला कि उसकी अखिरी एक्टिविटी सितंबर 2025 को ₹@UPI₹ नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप में थी । उसकी वाट्सऐप चैट में जो पाकिस्तानी WhatsApp कॉन्टेक्ट मिले उनमें +923146376510 बिलाल (मस्टरमाइंड डीलर ऋतिक के जरिए USDT खरीद रहा था। 923110509376 बिलाल का साथी +923144770771 नवाब (दूसरा डीलर) और संदिग्धन्टैक्ट ट्रांजेक्शन से जुड़े इन बिनांस अमाउंट सेल्टर की पहचान हुई।

यह पाकिस्तनी वाट्सऐप नंबरों के जरिए विदेशी हैंडलर से बात करता था। वह भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स के UPI ID लेकर यह पाकिस्तानी स्कैमर्स को देता था। ये स्कैमर्स फोक लोन ऐप्स के जरिए भरतीयों से पैसे वसूलते थे। यही पैसा रितिक के दिए UPI Id में ट्रांसफर कराते थे। ऋतिक उन्हें USDT क्रिप्टो करेंसी भेजता था।पाकिस्तानी ऐसे कर रहे हैं साइबर स्लीपर सेल की भर्ती

म्यूल अकाउंट खुलवाकर उसकी डिटेल पाकिस्तानी साइवर सिंडीकेट को दे रहे

गांव देहात से फर्जी दस्तावेजों पर अधिक सिम उपलब्ध कराते हैं

डिजिटल अरेस्ट और अन्य फ्रॉड की ट्रांजेक्शन पर 5 से 10% कमीशन दे रहे

फ्रॉड की रकम को मिनटों में दूसरे म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कराते हैं

डिजिटल अरेस्ट के लिए लोगों के इंस्टाग्राम, फेसवुक प्रोफाइल की रेकी करते हैं

भारत के खिलाफ साइबर टेररिस्ट APT ग्रुप

पकिस्तान के APT (एडवरड पर्सिस्टेट बेट नाम का एक सझर टेररिस्ट ग्रुप एक्टिव है। यह ग्रुप भारत के डिफेस सिस्टम से लेकर तमाम बड़े स्वेदनशील प्रतिष्ठानों के निश्णि के जरिए टारगेट कर रहा है। इनने खतरनाक ZIP फाइले भेजी जाती है. इन फाइले में desktop लॉन्चर होते है। यह डेटा चोरी और जबूरी में ZIP इस्तेमाल होने वाल रिमोट एक्सेस ट्रोजन है। ऐसे 9 APT ग्रुप्स की पहचान की गई थी, जो 6 लय से अधिक सबर हमलों के लिए जिमोदर थे।पैसों का लालच देकर बैंक अकाउंट खुलवाते हैं

साइबर टेररिस्ट ग्रुप भारत में साइबर स्लीपर सेल तैयार कर रहे है। इनका काम भरत में फर्जी दस्तावेजों या गव के लोगे से पैसे का ललच देकर उनके नान से बैंक अकाउंट खुल्वना, फर्जी इल्लवेजो पर सिम उपलब्ध करान, ट्राजेक्शन से लेकर वसूले तक का है। दिल्ली समेत देश के अन्द हिस्से से कड़े गए साइबर किनिन्ल्स की जय से खुलना हुआ है। नेतिहारी में इसी हफ्ते अंतरराष्ट्रीय सहर अहम मून के अहमपाकिस्तान स्थित हैकरों से जुड़ा था तनवीर आलम उर्फ हैदर

पुलिस ने सदस्य तनवीर आलम उर्फ हैदर को पकड़ा गया। हैदर ने कई राज उगले। यह स्कैम के पैसे निकालता और कैश डिपाजिट मशीन के जंजीर विदेशी आकाओं तक पहुंचता था। उसे 14 प्रतिशत कमीशन मिलता था। सबसे चौंकाने वाली बात कि हैदर पाकिस्तान स्थित हैकरों से जुड़ा था। ये हैकर डार्क वेब पर खाते खेलते और भारत में तैयार हैदर जैसे साइबर स्लीपर सेल को कनेक्शन पर काम देते हैं। हैदर के मोबाइल और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच से पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि हुई।नेशनल सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा

2026 की शुरुआत तक, पाकिस्तान से संचालित साइबर अपराधियों ने भारत के खिलाफ अपनी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। हाल की घटनाओं और रिपोर्टों के अनुसार, या संकट अब केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।बड़े सिंडिकेट का खुलासा

पकिस्तान और चीन से जुड़े एक इंटरनेशनल साइबर क्राइन सिडिकेट में लगभर ₹100 करोड़ का स्कैम, ऑपरेशन में 22 सिम बॉक्स, 20,000 से अधिक-सिम और 120 फिजिकल सिम कार्ड जब्त किए। रिपब्लिक ऑफ चाइना का पासपोर्ट होल्डर चेन समेत 7 अरोपी अरेस्ट किए।पाक के टारगेट पर आर्मी

'ऑपरेशन सिन्दूर' और पहलगाम हमले के बाद से पकिस्तान स्थित हैकर समूहों ने भारतीय रक्षा संस्थानों (जैसे सैन्य इंजीनियरिंग सेवा और MP-IDSA) को टारगेट किया। लगभग 16 लाख साइबर हमलों की कोशिशें की गई, जिनमें से अधिकांश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम किया।ट्रैकिंग से बचने को सिमबॉक्स

वैओआईपी कॉल ब्रिया नामक एक रेप के जरिए रूट की जा रही है। इसकी लाइनें थाईलैंड से खरीदी जाती हैं। इसे सिडिकेट के द्वारा कंबोडिया से ऑनलाइन पवित्रतानी नागरिकों को भरतीय ल इन्फोर्समेंट अफिसर के तैर पर ट्रेड किया जा रहा है। जिसके बाद डिजिटल ऑस्ट स्क्सटॉर्शन के स्कैम अजाम दिए ज रहे हैं।डिजिटल अरेस्ट की 3 लाइनें

हाल ही में खुलासा हुआ कि डिजिटल अरेस्ट के पैसे 3 लाइन काम करते है। 'लाइन 1' स्कैमर खुद के TRAI का अफिसर बताता है। 'लाइन 2 में खुद के पुलिस अफिसर बताता है और 'लाइन 3' डीसीपी स्तर के मध्यस्थ बनकर फर्जी मदद की पेशकश करता है।यहां करें तुरंत शिकायत

साइबर क्राइम की रिपोर्ट के लिए Cybercrime. gov.in पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 है। किसी भी संदिग्ध कॉल या अनजान वीडियो कॉल के मामले में तुरंत रिपोर्ट करें। नजदीकी थाने में जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकते है।

Post a Comment

Previous Post Next Post